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Nalini Mishra dwivedi

Abstract

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Nalini Mishra dwivedi

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काले रंग से उसका नाता था

काले रंग से उसका नाता था

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काला सुरज काला चाँद

काला जमी काला आसमाँ

सब कुछ उसको काला

ही दिखता था।


जीवन मे रंग बहुत है

बस उसका नाता तो

काले रंग से ही था।


जब से आया इस

जीवन मे वह

काली दूनिया भी

नजर आती थी।


नहीं शिकायत थी

उसको भगवान से

जैसा जीवन मिला

अपनाया था।


आवाज मे उसके

एसा जादू था

जो सुनता मंत्रमुग्ध

हो जाता था।


है पहचान उसकी

इस दुनिया में

जो सुनता उसको

वह भूल न पाया था।


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