STORYMIRROR

Rajesh Kumar Shrivastava

Tragedy

4  

Rajesh Kumar Shrivastava

Tragedy

काका शादी कर

काका शादी कर

1 min
433


काका उठ, कमर कस

शादी कर, मत डर ।

काका पहले रकम इकट्ठा कर

उधार ले, एडवांस ले,

मकान बेच, गिरवी रख,

कुछ भी कर

तब बिटिया की शादी कर ।


काका अब, मंडप तय कर,

होटल या शादी घर,

लाईटिंग, डेकोरेशन, ब्यूटीशियन

तय कर,

ऊँचा मंच, बड़ा बैंड, विदेशी फूल

स्पेशल बग्घी, या लंबी कार

और शादी का खास डिनर ।

काका न डर, शादी कर ।।


खूब नकल कर शादी कर, 

भव्य शादी कर,

दिल खोलकर खर्च कर

नाम कमा, वाहवाही लूट,

छाती चौड़ी कर ।।


(अंत में)

काका चल, सामान उठा

मकान खाली कर,

उधार चुका, मकान छुड़ा,

आँसू पी, फाँका कर ।

रोज घुट-घुट कर मर ।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy