STORYMIRROR

Rajesh Kumar Shrivastava

Abstract

4  

Rajesh Kumar Shrivastava

Abstract

खेल गीत

खेल गीत

1 min
513

  बनोगे खिलाड़ी तो बरसेगा पैसा 

  ताकत मिलेगी तुम्हें हाथियों के जैसा .

१.टेनिस,क्रिकेट, खेलो पोलो या कबड्डी,

  खेलो फुटबॉल खो-खो, या खेलो हाकी

  पानी वाले खेल खेलो या तीरंदाजी

 शूटिंग, जिमनास्टिक या करो मुक्केबाजी

 कुश्ती तो है प्यारे, मल्ल युद्ध जैसा

 बनोगे खिलाड़ी तो…..…………… ………..


 खेलो वालीबॉल या फिर साईकिल चलाओ

 दौड़ो-कूदो-फाँदो, चाहे डोंगी चलाओ

 बाडी-बिल्डर बनो या फिर वजन उठाओ

 खेलो गोल्फ, शतरंज या घोड़ा कुदाओ

 तलवार बाजी है शाही खेल जैसा

 बनोगे खिलाड़ी तो ………………………...


२.खेल देश सेवा है, खेल रोजगार है  

  खेल से खिलाड़ी भी होता मालदार है  

  नाम होता दुनिया में, मिलता पुरस्कार है

  अपनी भारत माता की होती, जयजयकार है

  शिष्य भीम अर्जुन तो, गुरु द्रोण जैसा 

  बनोगे खिलाड़ी तो बरसेगा पैसा  

  ताकत मिलेगी तुम्हें, हाथियों के जैसा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract