STORYMIRROR

राजेन्द्र कुमार मंडल

Romance

2  

राजेन्द्र कुमार मंडल

Romance

जुदाई

जुदाई

1 min
124


दिल से चाहने वाले जब हो जाए पराई।

ऐसे दगाबाज अक्सर होते हैं हरजाई।।

वेदना की टीस दिल में हो पछताई।

जो बीते गम में संग तड़पन,वही है जुदाई।।

      


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance