STORYMIRROR

Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

4  

Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

जन्नत का एहसास

जन्नत का एहसास

1 min
259

नजर से नजर तुझसे मिलाकर,

तेरी तस्वीर मेरे नैनों में बसाऊंगी,

तुझे मिलने का वक्त बता दे सनम,

मैं जरूर तेरा ही इंतजार करूंगी।


तेरे प्यार के गहरे समंदर में बहकर,

तुझे मैं रोम रोम तरंगों से लहराऊंगी,

मुझे वक्त पर मिलने आ जाना सनम,

मैं तुझे प्यार के किनारे ले जाऊंगी।


तेरे दिल में छोटी सी जगह पाकर,

तेरे प्यार की दीवानी मैं बन जाऊंगी,

तेरे दिल के दरवाजे खोल देना सनम,

मैं वहाँ मेरा आशियाना बनाऊंगी।


तुझे मेरे बेशुमार हुस्न में डुबाकर,

मैं सचमुच ही खुदा को शरमाऊंगी,

"मुरली" आजा मेरी बांहों में सनम,

मैं तुझे जन्नत का एहसास कराऊंगी।


 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama