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Mamta Singh Devaa

Fantasy Children

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Mamta Singh Devaa

Fantasy Children

जिन्न नहीं जिनी

जिन्न नहीं जिनी

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बचपन से सुनते आए

एक अलादीन का चिराग़ था

वाकई वो कमाल था ,


अलादीन की किस्मत 

इस चिराग़ ने पलट दी

कहानी उसकी पल में बदल दी ,


किसी के पास ज़्यादा धन देख

लगाने लगते सब कयास

कहीं चिराग तो नहीं इसके पास ?


अब ज़रूरत के हिसाब से

थोड़ा सा कुछ बदला गया

सबकी सहूलियत से ढल गया,


नहीं चाहिए किसी को चिराग़ का

विशालकाय जिन्न इतना

चाहिए जैस्मीन जैसी प्यारी जिनी के जितना।



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