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Devaram Bishnoi

Tragedy Crime

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Devaram Bishnoi

Tragedy Crime

"जिन्दगी तबाह"

"जिन्दगी तबाह"

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आज कल के पढ़े-लिखे युवा बच्चें।


 एक भुल में जिन्दगी तबाह कर लेते हैं।

रास्ते में किसी ने साइड नहीं दी हो।


चाहे होटल में खाना पहले नहीं परोसा हों।


फिर उससे कहा सुनी हो जाती हो।


तों इतनी-सी बात पर नासमझी काआलम यह हैं।


कि उसकी लात घुसो से मारपीट पीटाई कर देते हैं।


कभी कभी तो चाकू बाज़ी में जान तक ले लेते हैं।


फिर यह जेल चले जातें हैं।


जेल में बड़ेअपराधियों के सम्पर्क मेंआने से


अपराध जगत कि राह पकड़आदतन


अपराधी‌ बन जातें हैं।


अपराध जगत में धाक जमाने के चक्र में 


माफिया डॉन बन जाते हैं।



युवाओं कि पढ़ाई-लिखाई बेकारअपनी ज़िन्दगी


तबाह कर लेतें हैं।


अंत में ऐसेअपराधी माफिया डॉन का पुलिस


एनकाउंटर कर ही देती हैं।


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