जिंदगी सेल पर
जिंदगी सेल पर
ये जिंदगी है सेल पर ,
जितना चाहो बेच लो,
रिश्तों के टारगेट को ,
पूरा करने में खुद को झोंक दो।
पत्नी है बॉस हमारी ,
डेली रिपोर्टिंग है लेती वो,
बच्चे हैं इंसेटिव जैसे ,
नित नए डिमांड करते हैं।
जवानी बितता कमिटमेंट में ,
जो पूरा कभी ना कर पाते,
बचता ना कोई अचीवमेंट ,
अपने ही बुढ़ापे के लिए।
पत्नी बच्चे मां बाप सब ,
एक ही सवाल है पूछते,
क्या किया है तुमने हमारे लिए,
हर बात पर ताने देते ,।
समझ ना पाया अब तक कोई,
उसने किसके लिए क्या किया ,
क्या वह अब तक सिर्फ ,
अपने लिए ही जिया,।
खुद पर कभी ना खर्चा किया ,
अपनो के लिए कर्ज लिया ,
भर भर के बस जान ही बची,
उस पर भी है बवाल मची।
