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Gagandeep Singh Bharara

Abstract Inspirational

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Gagandeep Singh Bharara

Abstract Inspirational

जिन्दगी से मोहब्बत

जिन्दगी से मोहब्बत

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साँसे जो मिली वो सच्ची हैं,

उधार की नहीं, वो तेरी पक्की हैं,


खुशबु फूलों की तरह बिखराया कर,

बिन बात की ऐंठन में, ज़िंदगी बीत जाती है,


जीवन में कुछ तो तेरे सच होगा,

क्यूँ बिन बात के झूठी तेरी कहानी है,


मीठे स्वरों की भी जब कमी नहीं,

कड़वाहट से भरी क्यूँ तेरी वाणी है,


कर मोहब्बत ज़िंदगी से तू हरदम,

साँसे तेरी तो हैं मगर, गिनती की हैं।



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