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SMRITI SHIKHHA

Romance Tragedy Fantasy

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SMRITI SHIKHHA

Romance Tragedy Fantasy

ज़िंदगी में प्यार की परिभाषा

ज़िंदगी में प्यार की परिभाषा

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प्यार का दर्द है मीठा मीठा प्यारा प्यारा

जो समझ जाए प्यार को, उसका सही मतलब

प्यार का सही मायना जिसको आ जाए समझ

जो जान जाए प्यार असल में है क्या

उसके लिए दर्द भी हो जाएगा हसीन 

दर्द में भी होगा उससे प्यार का एहसास

प्यार को कर पाएगा वो महसूस

लगेगा उसको दर्द भी प्यार का ही अनोखा एहसास है ।


प्यार प्यार प्यार सुनने में है शब्द बड़ा ही छोटा

मतलब है उसका बहुत ही बड़ा एवं गहरा और वो भी इतना की 

समा जाए उसमें पूरा जहान पूरी श्रृष्टि 

है उसमें इतनी क्षमता जाने वो भुला दे कितनों के गम

जाने कितनों की दिल में से हटा दे गुस्सा 

हटा दे उनके आँखों से वो पट्टी जो कर देती थी उनको अंधा

भर देता उनकी जिंदगियों में जी भर कर खुशियां

देता उन्हें खुशियों के आँसू न जाने वो प्यार है कैसा ।


प्यार होती है चीज़ ऐसी की बना दे हर जगह को खिला खिला 

हर मुश्किल परिस्थिति को कर दे आसान

हर बेरंग जिंदगी में भर दे रंग 

हर बेजान इंसान के शरीर में डाल दे जान 

जिसका दिल है पत्थर का बना हुआ

है उसमें इतनी क्षमता की पिघला दे उस पत्थर को

और इठलाए उसमें से मासूम सा दिल

सीखा देता उसे इंसानियत बना देता उसे सही मायने में इंसान

हर पत्थर दिल इंसान में भर दे इंसानियत की पहचान  ।


प्यार होता है क्या ??? 

लोग पूछते हैं आखिर प्यार होता है क्या 

उस चीज़ को अहमियत क्यों इतना देना जिसका 

आंखों के सामने नहीं है कोई वजूद नहीं है कोई अस्तित्व 

जिसे कोई देख नहीं सकता जिसका नहीं है कोई आकार 

जिसका सिर्फ बातों में किया जाता है बयां 

जिसका सिर्फ लफ्ज़ों में किया जाता है इज़हार

क्या है उसकी असल ज़िंदगी में इतना कीमत ।


प्यार होता है सबके जिंदगी में 

सब लोगों के जिंदगी में, सारे प्राणियों में 

बस फर्क ये होता है की उसकी अहमियत

किसी के जिंदगी में कम होती है तो किसी के जिंदगी में ज्यादा 

और कुछ लोग तो दुनिया में ऐसे भी होते हैं

जो मान लेते हैं प्यार को ही अपना सब कुछ

सोचते हैं बीता लेंगे अपनी जिंदगी उस प्यार में बिना मांगे और कुछ

कहलाते हैं वो दुनिया वालों के आगे सच्चे आशिक या दीवाने  ।


मगर सच तो ये है की मिलते ऐसे लोग असल जिंदगी में बड़े कम हैं

दिखाई तो ये ज़्यादा तर असल जिंदगी में चल रहे फिल्मों में जाते हैं

पर कुछ लोग होते भी ऐसे हैं फिल्मों में चल रहे जिंदगी को ही 

असल जिंदगी मान लेते हैं, बिना जाने की हकीकत में होता है क्या

हो जाते हैं ये तैयार असल जिंदगी में प्यार में मर मिटने के लिए

बिना जाने की सामने वाले की है क्या मर्जी आखिर 

निकल जाते हैं ये होने के लिए प्यार में कुर्बान, चाहे करे न करे

ये खयाल कर के की घर वाले और दुनिया वाले न जाने क्या बोलेंगे । 


होते हैं वो लोग बड़े ही भोले, होते हैं कुछ दिल के बड़े ही साफ 

जो कर नहीं पाते अंतर असली जिंदगी और फिल्मों के बीच 

नहीं पाते हैं ये जान की होती है

बड़ी फर्क फिल्मों में और असल ज़िंदगी में

नहीं जान पाते हैं की खयालों में जैसी होती है जिंदगी 

असली जिंदगी उससे होती है बहुत अलग 

कर जाते हैं ये बड़ी से बड़ी गलतियां अपने बचपने में

नहीं ये पाते हैं कर सही और गलत का फैसला  ।


जो लोग जीते हैं अपनी जिंदगी अपने खयालों में और सपनों में

जो असल जिंदगी और दुनिया की हकीकत से नहीं होते हैं वाकिफ

होते हैं किशोर उम्र के या होते हैं नए नए जवान 

जो पढ़ते हैं कॉलेजों में जो हाली में करते हैं दुनिया वालों से

मुलाकात खयालों में जैसे सब होता है अच्छा और दिखता है सब आसान

असल जिंदगी में सब कुछ होता उतना ही बुरा खतरनाक और मुश्किल है

बिना दर्द, धोखे, पछतावे, मुश्किलें, बेवफा,

तकलीफों के नहीं मिलता है कुछ यहां 

अगर कुछ मिलता है तो वो होते हैं टूटे हुए सपने

जिसका मंजिल कोई नहीं है ठिकाना है बड़ा मुश्किल उसको पाना  ।


दुनिया में होते जितने भी लोग हैं

उनमें से जीतने भी प्यार पर करते हैं भरोसा 

जिनका है प्यार पर यकीन

जो करते हैं प्यार को असल जिंदगी में महसूस

जो जानते है प्यार का असल जिंदगी में क्या होता है एहसास

होता उन सबका एक दूसरे से प्यार का अलग परिभाषा 

वो प्यार देते अहमियत अपने हिसाब से हैं 

और बहुत कम हैं जो मानते प्यार को भगवान हैं 

जिनकी होती है परवरिश है वैसी जानते हैं प्यार होती क्या चीज है 

जानते हैं प्यार किस चिड़िया का नाम है।


प्यार क्या है ये जानना बहुत लोग हैं चाहते पर जान लोग बहुत ही कम पाते 

और कुछ लोग ऐसे भी हैं होते जो प्यार को जान तो लेते हैं मगर समझ नहीं पाते 

कुछ लोग तो होते ऐसे भी हैं जो प्यार को समझने के चलते 

निकाल उसका गलत मतलब हैं लेते और अपनाने भी उसी को लगते हैं

अपने फायदे के हिसाब से ताकि इनको इनका प्यार मिल सके

चाहे सामने वाले को इनसे प्यार मंज़ूर हो ना हो

यह समझ हैं बैठते की प्यार खुदगर्ज है होता सिर्फ अपने बारे में सोचना होता 

बिना सोच की दूसरों की जिंदगी में ये कितनी तबाही मचाएगा 

और बर्बाद कर देगा उनकी ज़िंदगी ये नहीं पाते हैं वो समझ 

और अपना थोपना चालू देते हैं वो कर सामने वालों पर बिना सोचे की होगा क्या उसका अंजाम।


प्यार होता है वो जिसमें नहीं होता है कोई स्वार्थ जिसमें नहीं होता है में या तुम सिर्फ होता है हम

जहां सिर्फ रखता है मायना तो रिश्ते में एक दूसरे के लिए तो वो होता है सामने वाले की खुशियां 

नही यहां है जाता सोचा अपने बारे में जहां दिल में आता है खयाल तो सिर्फ सामने वाले का 

बन जाते हैं यहां सब निस्वार्थ सीख जाते हैं यहां सब अपनी खुशियां एक दूसरे के लिए करना कुर्बान 

होता है दिल और ज़बां पे सिर्फ और सिर्फ सामने वाले का नाम 

जहां दिल और दिमाग हो जाता है बेकाबू

जहां किया जाता है अपनी खुशियों को कुर्बान सामने वाले की ख्वाहिश करने के लिए पूरी 

जहां सामने वाला आपके लिए बन जाता है आपका सब कुछ

अपनी ख्वाहिशें पूरे से हो जाता उनकी ख्वाहिशें पूरी करना आपके लिए बड़ी जरूरी 

कहलता है वो प्यार जहां सब कुछ हार कर भी जीत जाता है पूरा संसार   ।


प्यार होता है वो जहां सामने वाले की ही खुशियों ढूंढ वो लेता अपनी खुशियां है 

जहां अपने से होता सामने वाला सबसे ज्यादा जरूरी है 

जहां सामने वाले का दुख उसका गम लगता सब खुद का है 

जब होता है वो आपके सामने आपके चेहरे पे आती वो मुस्कान है 

जो बाकी के होने से जाती है छिप नहीं आती है वो नज़र

जो बाकी मुस्कानों से होती है बड़ी अलग जो लाती है मुस्कान से साथ आपके आंखों में चमक 

जिसके होने से सामने भूल जाते हैं आप अपनी सारी मुश्किलें

सारी थकान और भूल जाते हैं सारे दुख और तकलीफें 

जिसके आपके आंखों के सामने से हो ओझल हो जाने से हिल जाती है

आपकी दुनिया हो जाते हैं आप सबसे परेशान 

उसके अलावा नहीं रखता है दुनिया में आपके लिए कोई भी मायना

प्यार करते हैं आप उनसे नहीं पड़ता है ये कहना आपकी खामोशी आपकी चुप्पी

आपकी गुस्ताख आंखें कर जाती वो सब बयां   ।



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