जिंदगी का दस्तूर
जिंदगी का दस्तूर
जीतने से पहले हर बार
हार को स्वीकार करना होगा
प्रयत्न ,प्रयत्न और प्रयत्न
आखिरी क्षण तक प्रयत्न करना होगा
हर बार जीत नहीं मिलेगी
हर दिन जिंदगी का अच्छा भी नहीं जाएगा
जब हजार बार दस्तक दोगे
तब जाकर कोई एक दरवाजा खुलता हुआ नजर आएगा
हर दुख की दस्तक के पीछे
सुखानुभूति का आगाज़ छिपा है
ये जिंदगी है
यही जिंदगी का दस्तूर है।
