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कवि काव्यांश " यथार्थ "

Fantasy Inspirational

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कवि काव्यांश " यथार्थ "

Fantasy Inspirational

जीवन का आधार

जीवन का आधार

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हंसता हुआ चेहरा – जीवन का आधार


हंसता हुआ चेहरा,

लुभाती हर दिल को,

जीने की चाह जगाती है

हर दिल को।


चाहे मानों या न मानों,

मगर,

हंसता हुआ चेहरा ही

आधार है जीने का,

राग, द्वेष, ईर्ष्या, जलन,

बेकार बेमतलब है,

सब कुछ खोने का।


जीवन का सार होता है

प्रेम और अपनापन,

जहां मिले समझदारी

वही खिलता हैं जीवन।।


गर राहों में लाख

बिछे हो कांटे भी

कही धूप हो,

या छाया हो घना अंधेरा भी,

मुस्कानों का दीप जला के

आसान हो  

हर कठिनाइयां भी।


बादल भी घिरेंगे, 

घिरेंगे घनघोर घटाएँ भी, 

अंधड़ चलेगा, 

तब सन्नाटे छाएंगे भी, 

जो मुस्कानों को बना

लेता अपना साथी, 

वही चलता अपने जीवन

की राहें सजाएं।


ग़म की अंधेरी गलियों में जो,

हंसकर, चलना सीख गया, 

सुख-शांति की बाहों में

जो सिमटकर रह गया, 

तो समझो, 

वही जीवन की हर

मुश्किलों से जीत गया। 


ईर्ष्या, द्वेष, नफ़रत के बादल,

कुछ पल को ही टिक पाते हैं,

जहां दिलों में हो प्यार गहरा,

वहां अंधेरे भी झुक जाते हैं।


कर लो आज ये वादा खुद से,

हर दिन को खुशी से सजाओगे,

निराशा में जो भी मिले,

उसके जीवन में रौशनी लाओगे।

मुस्कान ही सच्चा आभूषण,

इसे कभी न खोने दो,

हर दिल में प्रेम के दीप जलाओ,

हर चेहरे को हंसने दो!


आओ चलो,

आज हम सब मिलकर, 

हंसने का प्रण करें, 

जीवन के, हर दुखों को, 

इस माटी में दफ़न करें। 

प्रेम, करुणा और अपनेपन

का दीप जलाकर, 

अपनी मुस्कानों को सजाकर

 हर दिल को रोशन करें।।



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