Bhawna Kukreti Pandey
Romance Tragedy
इस ओर
उससे पूछते हुए
"कैसे हो ?"
झिझक रहने लगी है
उसने अगर कहा
"ठीक नहीं हूँ"
तो कर क्या पाएंगे !
दो लफ्जों
की गुफ्तगू इतनी
आसान भी नहीं
होतीं हैं।
बिना बात
अनकहा ...
मुझे चाहिए वो...
पुकार
भेद नहीं हम द...
तुम्हारी बाते...
रिक्त होना
लिहाज
रहम करो !
हैसियत
पावस की फुहार है तू, बसन्त की बहार है तू, पावस की फुहार है तू, बसन्त की बहार है तू,
कुछ तो था..... तेरे आने में तेरी पायल की छम छम आवाजों में। कुछ तो था..... तेरे आने में तेरी पायल की छम छम आवाजों में।
दिन में तो हंसते रहे मगर रात भर रोते रहे, दिन में तो हंसते रहे मगर रात भर रोते रहे,
अब तो जीवन का अपने हर पल तेरे नाम करता हूं अब तो जीवन का अपने हर पल तेरे नाम करता हूं
मैं बेचारी आज किनारे नदिया बैठी, आओगे तुम आज यही मैं सोचती रहती। मैं बेचारी आज किनारे नदिया बैठी, आओगे तुम आज यही मैं सोचती रहती।
कहते हो कोई बात नहीं कुछ तो हमारे दरमियान है। कहते हो कोई बात नहीं कुछ तो हमारे दरमियान है।
तेरे साथ हंसना रोना चाहता हूं तेरे ख्वाब लेकर सोना चाहता हूं, तेरे साथ हंसना रोना चाहता हूं तेरे ख्वाब लेकर सोना चाहता हूं,
भरी जगह तुमने उसकी, मुझे जो जग में लाया जो भी चाहा जीवन में, मैंने वो तुझसे ही पाया भरी जगह तुमने उसकी, मुझे जो जग में लाया जो भी चाहा जीवन में, मैंने वो तुझसे ह...
मिटाते रहे हम रेत पर लिख लिख कर तेरा नाम मिटाते रहे हम रेत पर लिख लिख कर तेरा नाम
मेरे दिल के हर कोने को प्यार से तुम महकती हो, मेरे दिल के हर कोने को प्यार से तुम महकती हो,
निभाई हर जिम्मेदारी हमने साझेदारी से हर गलती से भी हम दोनों ने सबक लिया है। निभाई हर जिम्मेदारी हमने साझेदारी से हर गलती से भी हम दोनों ने सबक लिया है।
देखे रोम रोम हो जाता पुलकित , तुम तो ऐसी ही मृगनयनी चंचल हो देखे रोम रोम हो जाता पुलकित , तुम तो ऐसी ही मृगनयनी चंचल हो
तुम्हें देख कर ही खुद का इल्म होता है मुझे तुम्हें देख कर ही खुद का इल्म होता है मुझे
बंधते एक डोर से दो दिल,,,,,मिलते फिर चोरी चुपके। बंधते एक डोर से दो दिल,,,,,मिलते फिर चोरी चुपके।
प्यार जीवन की बगिया को महकाता है प्यार पतझड़ में सावन बरसाता है प्यार जीवन की बगिया को महकाता है प्यार पतझड़ में सावन बरसाता है
गमों के अंधड़ तुम्हे छू न सके यही दिल से कामना करता हूं। गमों के अंधड़ तुम्हे छू न सके यही दिल से कामना करता हूं।
मुद्दतों पहले मिले थे रीति की लगाई नींव थे. मुद्दतों पहले मिले थे रीति की लगाई नींव थे.
ये इश्क ही तो है, जिसके लिए सब जीते हैं। ये इश्क ही तो है, जिसके लिए सब जीते हैं।
यूँ रहे अमर प्रेम तेरा मेरा, जन्म जन्म तक साथ रहें। यूँ रहे अमर प्रेम तेरा मेरा, जन्म जन्म तक साथ रहें।
मन ही में रही मन की सब बातें, मन ही से बानी अब वो बावरी सी मन ही में रही मन की सब बातें, मन ही से बानी अब वो बावरी सी