STORYMIRROR

अनूप अंबर

Romance

3  

अनूप अंबर

Romance

मौसम

मौसम

1 min
216

मौसम गुजरते रहे 

हम इंतजार करते रहे

ख्वाबों के दीये जाने

कितने जले बुझते रहे,


अश्कों से लिखी हमने

तेरी मेरी प्रेम कहानी,

दिन में तो हंसते रहे

मगर रात भर रोते रहे,


तेरे हम हो गए ऐसे

फिर ना किसी के हो सके,

नींद रूठ गई मेरी,

वो चैन से सोते रहे


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance