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अनूप अंबर

Romance

3  

अनूप अंबर

Romance

मौसम

मौसम

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मौसम गुजरते रहे 

हम इंतजार करते रहे

ख्वाबों के दीये जाने

कितने जले बुझते रहे,


अश्कों से लिखी हमने

तेरी मेरी प्रेम कहानी,

दिन में तो हंसते रहे

मगर रात भर रोते रहे,


तेरे हम हो गए ऐसे

फिर ना किसी के हो सके,

नींद रूठ गई मेरी,

वो चैन से सोते रहे


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