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अनूप अंबर

Romance

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अनूप अंबर

Romance

बारिश

बारिश

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जब जब बारिश आती है,

मन को मेरे सदा भाती है,

तेरी बांहों में गुजरे थे,

हर लम्हा याद दिलाती है।।


हम तुम संग संग चलते थे,

नभ से मेघ बरसते थे,

कितने सुंदर पल थे वो,

हम दोनों मिल के हंसते थे,


लेकिन अब दौर बदल गया,

तेरा हाथ मेरे हाथ से छूट गया,

अब नैन दिन रात बरसते है,

मिलने को तुझे तड़पते है।


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