राघवेन्द्र ‛राज’
Drama
जब दर्द हद से बढ़ जाता है
गम आंसू में ढल जाता है।
जीना मुश्किल हो जाता है।
दिल बगावत पर उतर आता है।
दिल पत्थर हो जाता है।
तेरी नज़रों से...
वतन की रक्षा ...
जब दर्द हद से...
हाथ मेरा तुम ...
दीप जलाओ दीप ...
तुझ से प्यार ...
प्यार जताने स...
दिन ढल जाए, र...
मैं उनसे मोहब...
वो तन्हा हमसफ़...
फंस चुके हैं कई मुसाफिर अब तलक अपनी अल्हड़ शरारतों से फंस चुके हैं कई मुसाफिर अब तलक अपनी अल्हड़ शरारतों से
तुम्हारा देख कर चेहरा हमारा दिन निकलता है, तुम्हारा रूप देखे तो तुम्ही से चाँद जलता है तुम्हारा देख कर चेहरा हमारा दिन निकलता है, तुम्हारा रूप देखे तो तुम्ही से चाँ...
एहसास जगा, अलख जला, अलख जला, अँधियारा मिटा, एहसास जगा, अलख जला, अलख जला, अँधियारा मिटा,
क्या ईश्वर और खुदा को लेना पड़ेगा इस खौफ को हटाने का जिम्मा ? क्या ईश्वर और खुदा को लेना पड़ेगा इस खौफ को हटाने का जिम्मा ?
फुर्सत के क्षणों में प्रकृति की सुंदरता को निहारते थे फुर्सत के क्षणों में प्रकृति की सुंदरता को निहारते थे
सिर्फ जीने के लिए यादो से दिल बहलाना हुआ। सिर्फ जीने के लिए यादो से दिल बहलाना हुआ।
फिर ये अवसर दोबारा नहीं आया तुमने कुछ क्यों नहीं कहा। फिर ये अवसर दोबारा नहीं आया तुमने कुछ क्यों नहीं कहा।
बहा के आँसू भी गुज़ार सकते हो तुम बहा के आँसू भी गुज़ार सकते हो तुम
सपने देखे थे क्या क्या ना पा लूंगी मैं, हौसलों की उड़ान भी भरपूर रही मेरी l सपने देखे थे क्या क्या ना पा लूंगी मैं, हौसलों की उड़ान भी भरपूर रही मेरी l
मुद्दतें हो गई तू न आया मगर तेरी तस्वीर से बात बनती रही । मुद्दतें हो गई तू न आया मगर तेरी तस्वीर से बात बनती रही ।
सियाही ये, रौशनाई हुई, तुझपर लिखने के बाद। दिल मेरा दिल हुआ, तुझको पाने के बाद….. सियाही ये, रौशनाई हुई, तुझपर लिखने के बाद। दिल मेरा दिल हुआ, तुझको पाने के बा...
मर्यादा में सब के सुर और ताल रहे, मर्यादा का सम्मान सदा हो, मर्यादा में सब के सुर और ताल रहे, मर्यादा का सम्मान सदा हो,
अपने अस्तित्व और अस्मिता को फिर जगाओ तुम.. रुक जाओ वही पर न खोना और तुम। अपने अस्तित्व और अस्मिता को फिर जगाओ तुम.. रुक जाओ वही पर न खोना और तुम।
बस इसी जंजीर को टोड़ना है खुद के सुकून को खुद में ढूंढना है..... बस इसी जंजीर को टोड़ना है खुद के सुकून को खुद में ढूंढना है.....
संग मेरे चलना, हमेशा हर दम, हर पल, हर दफ़ा। संग मेरे चलना, हमेशा हर दम, हर पल, हर दफ़ा।
ख्वाब टूटे मेरे कांच जैसे ख्वाब कोई दिखाना नहीं है ख्वाब टूटे मेरे कांच जैसे ख्वाब कोई दिखाना नहीं है
जो दुआ थी मेरी, उसका दिल तोड़ आया हूं मैं।। जिसे टूटकर चाहा जो दुआ थी मेरी, उसका दिल तोड़ आया हूं मैं।। जिसे टूटकर चाहा
शुक्र है खुदा...आप जैसी भूख नहीं हमें.. दो रोटी...चम्मच भर चावल इसमें ही थमे. शुक्र है खुदा...आप जैसी भूख नहीं हमें.. दो रोटी...चम्मच भर चावल इसमें ही थमे.
तेरा साथ हो हाथों में हाथ हो हर जन्म तुझको चुनना हो। तेरा साथ हो हाथों में हाथ हो हर जन्म तुझको चुनना हो।
जिस दिन दिखेगी खुद की कमी उस दिन खुलेगी आपकी आंख जिस दिन दिखेगी खुद की कमी उस दिन खुलेगी आपकी आंख