जब भी दिल उदास होता है
जब भी दिल उदास होता है
जब भी दिल उदास होता है
तुम्हारी जीत याद आती है
फिर ज़रा सजीव होकर खुश
उन लमहो की याद आती है !
कुछ मिले ना मिले मुझको
दे दिया जो चाहा तुमको
ये उपहार का इंतेजार क्यू है
मन को पूछ लो ज़रा थमकर !
कोई भी साँवला सलोना हो
य़ा फिर रंग का खिलौना हो
जो भी अपना खो दिया तुमने
फिर चाहे कितना भी बौना हो
देना चाहिये भले पाया भी नहीं
ये तो रस्म है,निभाना है !!

