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Shailendra Kumar Shukla, FRSC

Action

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Shailendra Kumar Shukla, FRSC

Action

अब कोई नहीं होता

अब कोई नहीं होता

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अब कोई नहीं होता हमराज

 सब कुछ भी है कि जी लेंगे 

चाहे हो फटे पर सी लेंगे 

क्यूँ की हम न हैं सरताज ! 

दुनिया कितनी रंगीन भले

 पर जीना है तो संगीन तले 

छोड़े हमने सारे गम फिर 

पर रहना है गमगीन तले ! 

जाओ तुम भी रसिया हो

 मेरी बस्ती के मतवाले

 तुमको चाहूँगा जी भर के

 मरना टले या ना टले !!


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