STORYMIRROR

Simran Sardana

Romance

4  

Simran Sardana

Romance

Ishq

Ishq

1 min
651

मेरे दिल में है क्या

वो तो मालुम बस तुझे है


मेरे मन में कितने ही

हज़ार ख्याल है

वो भी ज़रूर तुझे पता है


मेरे इस चेहरे से

सब जान लेने की

आदत भी बस तेरी है


तेरे दिए ये तोहफे इतना शायद

मुझे खुश न करे कभी

जितनी तेरी एक हसी कर जाती है


तेरी अनगिनत बातें

तेरी अजीब हरकतों से भरी तसवीरें

तेरा मुझे गले से लगाना

और दूर न करना

तेरा बीच रास्ते

मेरा हाथ थाम लेना

और मेरा बस

तुझे देखना

नज़रे झुकाना

थोड़ा शर्माना

और मुस्कुराना


अगर ये सब इश्क़ नहीं

तो और क्या है भला?


उन तीन शब्दों की शायद

ज़रूरत नहीं

वो तो

दुनिया ने बनाये है

इश्क़ तो दिल से

जान से

मन से

रूह से

होता है


और वो?

है मुझे तुझसे


और तुम्हे?

है इश्क़ मुझसे


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance