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इश्क़ मेरा कश्मीर हो गया

इश्क़ मेरा कश्मीर हो गया

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आपस के मसलों में शहीद हो गया,

उफ़ ! के इश्क़ मेरा कश्मीर हो गया...


माइकल एल्विस बनने का सपना था,

वक़्त ने स्विंग मारा कबीर हो गया...


खालिस सोने चादी से तराशा था,

लोहे की संगत में ज़ंज़ीर हो गया...


दिल से खेली वो लूडो, गिल्ली-डंडा,

बाप के उसकी जो जागीर हो गया...


अपने ही किस्से सुलझा ना सके,

उसकी पीरों में, फ़क़ीर हो गया ...


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