इश्क का असर
इश्क का असर
तुझे देखने के बाद मेरे मन को,
जरा भी चैन मिलता नहीं,
दिन रात तुझे याद करता हूं,
तेरी सूरत नजर से हटती नहीं।
कब मुलाकात होगी मुझे तेरी,
पता तेरा मुझे मालूम नहीं,
गली गली में ढूंढता हूं मैं तुझ को,
सूरत मैं तेरी देख पाता नहीं।
तेरे मिलन की तड़प हे मुझ को,
हमारा मिलन कभी होता नहीं,
प्यास लगी है तेरे इश्क की मुझ को,
तेरा इन्तज़ार खत्म होता नहीं।
तेरे हुस्न ने दीवाना किया है मुझ को,
रात भर मुझे निंद आती नहीं,
मेरी तस्वीर तेरी आंखो में देखकर "मुरली",
कोई अपना मुझे अच्छा लगता नहीं।

