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Ajay Gupta

Drama

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Ajay Gupta

Drama

इशारा

इशारा

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किसी की तो है मजबूरी इशारा

किसी दिल की है मंज़ूरी इशारा।


कहाँ लम्बी कथा सुनता शराबी

समझ जाता है अंगूरी इशारा।


हुई अब गैर की मेरी मुहब्बत

नज़र आया है सिंदूरी इशारा।


मरे जाते हैं यूपी के खिलाड़ी

करे है चोट बँगलूरी इशारा।


मेरा क्या दोष है जो दिल मचलता

वो सर से पाँव तक पूरी इशारा।


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