Independence Day Book Fair - 75% flat discount all physical books and all E-books for free! Use coupon code "FREE75". Click here
Independence Day Book Fair - 75% flat discount all physical books and all E-books for free! Use coupon code "FREE75". Click here

Ajay Gupta

Inspirational


3  

Ajay Gupta

Inspirational


मददगार

मददगार

1 min 320 1 min 320

बहुत जीव पलते हैं,

इसकी शाखाओं से भी

जड़ें फूटती हैं

वो जड़ें फिर पेड़ भी

बन जाती हैं

हर पेड़ उगा देता है,

कुछ और पेड़

और वो पेड़, कुछ और पेड़

एक पेड़, अपने आप में

जंगल हो सकता है

जाने कितने पंछियों को घर

गिलहरियों को कोटर

बंदरों को आश्रय

चमगादड़ों को आसरा

बेलों को सहारा देता है ये।


पर ख़ास बात क्या है मालूम,

ये छाँव देता है सबको,

धूप से तो बचाता है

पर अपनी छाया से

किसी भी अंकुर को

पेड़ नहीं बनने देता।

नहीं चाहता कि कोई

और भी कर सके

वो सब काम जो ये

करता है ख़ुद।

बड़ा अनोखा

मददगार है बरगद।



Rate this content
Log in

More hindi poem from Ajay Gupta

Similar hindi poem from Inspirational