Shailaja Bhattad
Classics
जब इरादे हों नेक
तो सवार दे जीवन अनेक।
जब शुक्राना हो मिज़ाज
संभव हो जाता है हर काज़।
हो जाता है हर उलझन का नाश
बन जाती है किस्मत बुलंद।
करने लगते हैं हम
तक़दीर पर नाज़।
शिव-शिव
सत्संग
श्री राम
सबकी होली
जयश्री राम
ओम नमः शिवाय
श्री राम ध्या...
हे प्रभु
जय जय श्रीराम...
उम्मीद की लौ जलाना चाहता हूँ। हाँ, मैं सच्चा स्वार्थी हूँ। मैं स्वार्थी हूँ। उम्मीद की लौ जलाना चाहता हूँ। हाँ, मैं सच्चा स्वार्थी हूँ। मैं स्वार्थी हूँ।
नेक नीयत की रौशनी रखना जिसका रूहों तलक असर जाये। नेक नीयत की रौशनी रखना जिसका रूहों तलक असर जाये।
तन - मन को सुरम्यता का भान हो रहा, आनंदित हैं सभी जन। तन - मन को सुरम्यता का भान हो रहा, आनंदित हैं सभी जन।
मानसून है देखो आया, तुम झूला सभी लगाना। मानसून है देखो आया, तुम झूला सभी लगाना।
तुम्हारे संग रही हरबार, तुम्हारे बिना कैसे लूँ अब साँस। तुम्हारे संग रही हरबार, तुम्हारे बिना कैसे लूँ अब साँस।
ना जाने दो मन क़ो सत्य के विरुद्ध फिर कभी तुम्हारा पथ ना होगा अवरुद्ध ! ना जाने दो मन क़ो सत्य के विरुद्ध फिर कभी तुम्हारा पथ ना होगा अवरुद्ध !
सूर्य छिपाये गोदी में ये अपनी दे प्रेम की थपनी। सूर्य छिपाये गोदी में ये अपनी दे प्रेम की थपनी।
और कुछ नहीं बस कहना इतना है मुझे बड़े होकर बस उनके जैसा बनना है। और कुछ नहीं बस कहना इतना है मुझे बड़े होकर बस उनके जैसा बनना है।
जैसे ग्रन्थ आपकी कला के ही समास हैं। जैसे ग्रन्थ आपकी कला के ही समास हैं।
जांबाजो को सलाम जांबाजो को सलाम
जो हमें जमीं से उठा कर आसमां पर बिठा देते हैं। जो हमें जमीं से उठा कर आसमां पर बिठा देते हैं।
तुम्हारी नजरों से, छुप छुपकर देखा। तुम्हारी नजरों से, छुप छुपकर देखा।
कि छुपालो हमें अपनी बाहों में ताउम्र के लिए। कि छुपालो हमें अपनी बाहों में ताउम्र के लिए।
बस याद मुझे तुम, किसी और का मुझको पता नहीं ! बस याद मुझे तुम, किसी और का मुझको पता नहीं !
एक ख़ूबसूरत शाम का साथ है और, मेरा हमसफ़र मेरे साथ है। एक ख़ूबसूरत शाम का साथ है और, मेरा हमसफ़र मेरे साथ है।
ऐब ख़ुद के छुपा देखो, दूसरों के करें चर्चे लोग। ऐब ख़ुद के छुपा देखो, दूसरों के करें चर्चे लोग।
हाथों में थामे हाथ मुझे ले चला कहाँ हाथों में थामे हाथ। हाथों में थामे हाथ मुझे ले चला कहाँ हाथों में थामे हाथ।
बनो महान ऐसे। खिलो विहान जैसे।। बनो महान ऐसे। खिलो विहान जैसे।।
भद्र रुप धारिणी, जाँबाज हैं ये नारियाँ। भद्र रुप धारिणी, जाँबाज हैं ये नारियाँ।
मीरा राज योग में भी, बावली सी भागती।। मीरा राज योग में भी, बावली सी भागती।।