ईर्ष्या
ईर्ष्या
दो दिलों के प्यार में सितम क्यों होता है?
आपसी समझ को देखकर जलन क्यों होता है?
यहां हमसे जलने वाले तो हज़ारों हैं,
हम अलग हो जाएंगे ऐसा वहम क्यों होता है?
हमारी खुशियों को देख वो जल जाते हैं,
हमारे दुखों में वो खूब मुस्कुराते हैं,
यहां तो अपने सबसे बड़े घातक है,
मुश्किलों में हमें यूं ही छोड़ जाते हैं।
उन्हें पता नहीं हम मुश्किलों से घबराते नहीं है,
मुश्किलों से पार पाते हैं पर डगमगाते नहीं है,
यहां तो हमें खाई में गिराने वालों की तादाद भारी है,
खाई से निकल जाते हैं पर शिकन दिखाते नहीं है।
पीछे हटने से मुश्किलें बढ़ जाएंगी,
आगे बढ़ोगे मंजिल मिल जाएगी,
घबराने से मुश्किलें हल नहीं होंगी,
मेहनत करो कामयाबी कदम चूम जाएगी।
