STORYMIRROR

अशोक जोशी

Fantasy Others

2  

अशोक जोशी

Fantasy Others

होली का त्योहार

होली का त्योहार

1 min
46

ढोल नगाड़े बजने लगे,

भंग की ख़ुमारी थी,

किसी ने पीछे से आकर,

रंगने की कर ली तैयारी थी,

हम देखते ही रह गए,

और रंग दिया हरा हरा,

किसी ने उठाया और,

फेंक दिया रंग से भरें कड़ाव में,

और कहने लगें बुरा ना मानों होली है,

यहीं होता है होली के त्यौहार पर।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Fantasy