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अशोक जोशी

Abstract Romance

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अशोक जोशी

Abstract Romance

हाथ तंग

हाथ तंग

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मुहब्बत में आज,

हाथ तंग क्यूं हैं,

हम कर रहे,

इज़हारे मुहब्बत,

और आप चुप क्यूं हैं,

यूं ना मुंह झुका

के खड़े रहो,

कुछ तो बात करो,

चेहरे पे झुकी आंखें,

आज नम क्यूं हैं...


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