STORYMIRROR

अशोक जोशी

Romance

4  

अशोक जोशी

Romance

आवरण

आवरण

1 min
258

यें झीना सा आवरण,

तुम्हारे चेहरे की,

रंगत बढ़ाता है,

तुम्हारी मुस्कराहट,

में यें आवरण,

चार चाँद लगाता है,

हटाना मत ढके रखना 

अपना ये चेहरा,

यें आवरण तुम्हारी, 

खूबसूरती बढ़ाता है,,,


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance