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अशोक जोशी

Abstract Romance Classics

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अशोक जोशी

Abstract Romance Classics

इंतज़ार

इंतज़ार

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यूं तो हर शाम,

उम्मीदों पें गुज़र जाती है,

करतें है इंतज़ार,

उनके आने का,

वो ना आये तो ना सहीं,

भूलें से उनका इक,

पैगाम तो आ जाये,,,


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