STORYMIRROR

D.N. Jha

Fantasy

4  

D.N. Jha

Fantasy

होली का त्योहार

होली का त्योहार

1 min
304

होली की आई मनुहार,

छाई है कैसी जो बहार।

मन खुशियों से भर रहा,

आया होली का त्योहार।।


रंग-गुलाल हम खेलेंगे,

पूआ पकवान बनाएंगे।

मिल बांटकर हम सभी,

खाएंगे और खिलाएंगे।


बैर भ्रम निकाल अभी,

हैप्पी होली बोल सभी।

रहना है दिल मिलाकर,

बैर भरम के निकालकर।


होली है त्योहार निराला,

किसने उन्मत्त कर डाला।

तू ही जाने किन रंगों से,

चेहरा है मेरा रंग डाला।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Fantasy