D.N. Jha
Action Inspirational
रहना जिसे निरोग है, करिए नित उठ योग।
रहे स्वस्थ तन ओर मन, पाएं जीवन भोग।।
जीवन जीना है सरल, करिए नित उठ योग।
योग नहीं करते कभी, हो जाता है रोग।।
तन से रहना है सुखी, करिए नित उठ योग।
काम सही करते वही, कहते हैं कुछ लोग।।
चंद्रयान
चारधाम (कुंडल...
महॅंगाई
मालिक
विश्राम को हर...
योग
आएगा तूफान
बिखर रहे परिव...
आओ सीखें कुछ ...
किसान
है हर कदम का खेल, तू द्रुत शीघ्र बढ़ाए जा। है हर कदम का खेल, तू द्रुत शीघ्र बढ़ाए जा।
भारतवर्ष के मातृभूमि को शिवम् हैं अपना शीश झुकाए। भारतवर्ष के मातृभूमि को शिवम् हैं अपना शीश झुकाए।
सब कहते थे, धूल है, राख है, खंडहर है, रेगिस्तान है , अरे ! श्मशान है सब कहते थे, धूल है, राख है, खंडहर है, रेगिस्तान है , अरे ! श्मशान है
ललकारता तुझे हिन्द का हर नौजवान है। ललकारता तुझे हिन्द का हर नौजवान है।
शिक्षा लो शिक्षित बनो शिक्षा इंक़लाबी हैं। लिख कर रखलो ये सोच नहीं मिटने वाला। शिक्षा लो शिक्षित बनो शिक्षा इंक़लाबी हैं। लिख कर रखलो ये सोच नहीं मि...
तू सदा ही रहेगा हमारे पैरो के नीचे पाक। तू सदा ही रहेगा हमारे पैरो के नीचे पाक।
लेके रहेंगे पीओके हिम्मत है बचा के दिखाओ। लेके रहेंगे पीओके हिम्मत है बचा के दिखाओ।
एक और एक ग्यारह का दम भाषा बोली अलग-अलग है। एक और एक ग्यारह का दम भाषा बोली अलग-अलग है।
युद्धभूमि में लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हो जाना ! युद्धभूमि में लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हो जाना !
हरी-भरी व धानी चुनरी, हरी भरी है मेरी धरा, घृणा, पाप न द्वेष कहीं, चाहूँ हर दिल प्रेम हरी-भरी व धानी चुनरी, हरी भरी है मेरी धरा, घृणा, पाप न द्वेष कहीं, चाहूँ हर ...
जान की बाजी लगा दें वक्त आने पर जान लुटा दें। जान की बाजी लगा दें वक्त आने पर जान लुटा दें।
The poet reminds us of our lives on the fast lane and forgetfulness to "live" and enjoy the moments ... The poet reminds us of our lives on the fast lane and forgetfulness to "live" an...
भारत मां का बेटा हूं,मैं, जननी का भी लाल हूं। भारत मां का बेटा हूं,मैं, जननी का भी लाल हूं।
भारत की पहचान तिरंगा है इसे आसमान तक लहराने दो। भारत की पहचान तिरंगा है इसे आसमान तक लहराने दो।
विजय ध्वज फहराएगा चहुँ दिशि भारत का। विजय ध्वज फहराएगा चहुँ दिशि भारत का।
जा रही थी स्कूल से घर को इक दिन मैं अकेली , सँग ना थी कोई मेरी सहेली, इक वहशी जानव जा रही थी स्कूल से घर को इक दिन मैं अकेली , सँग ना थी कोई मेरी सहेली, ...
रहती थी जिसके हाथों में ढाल और तलवार वीरांगना झाँसी की रानी बनूँगी। रहती थी जिसके हाथों में ढाल और तलवार वीरांगना झाँसी की रानी बनूँगी।
कर दे आतंक का खात्मा, तू कर आतंक का खात्मा। कर दे आतंक का खात्मा, तू कर आतंक का खात्मा।
हम मिलकर बनें ग्यारह, एक एक को मिटा देंगे। हम मिलकर बनें ग्यारह, एक एक को मिटा देंगे।
अपनी इतनी नन्ही उम्र में हाँ वो अंग्रेज़ भगाने आया था। अपनी इतनी नन्ही उम्र में हाँ वो अंग्रेज़ भगाने आया था।