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D.N. Jha

Tragedy Action Inspirational

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D.N. Jha

Tragedy Action Inspirational

महॅंगाई

महॅंगाई

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कितने मॅंहगे हो गए, नमक तेल के दाम।

पेट कभी भरता नहीं, घंटों करता काम।।


घंटों करता काम, दूर बाहर में रहता।

आऊंगा अब देर, यही मैं उनसे कहता।।


उम्र गई जब बीत, हुए तब पूरे सपने।

जरुरत की हर चीज, हुए हैं मॅंहगे कितने।।


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