STORYMIRROR

D.N. Jha

Abstract Action

3  

D.N. Jha

Abstract Action

विश्राम को हरि चले

विश्राम को हरि चले

1 min
141

विश्राम को हरि चले, महादेव से आस।

कारज अच्छे हों नहीं,आया चातुर्मास।।


चले शयन को विष्णु जी, लक्ष्मी जी हैं साथ।

शेष नाग तैयार है, फण को राखे  छाप।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract