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D.N. Jha

Abstract Action

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D.N. Jha

Abstract Action

विश्राम को हरि चले

विश्राम को हरि चले

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विश्राम को हरि चले, महादेव से आस।

कारज अच्छे हों नहीं,आया चातुर्मास।।


चले शयन को विष्णु जी, लक्ष्मी जी हैं साथ।

शेष नाग तैयार है, फण को राखे  छाप।।


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