manasvi poyamkar
Fantasy
दिल हँसना भूल जाये
तो उसे रोने ना दीजिये
सारी दुनिया का सहारा बन जाये
पर किसिृी को अपना होने ना दीजिये।
पूरी हसरत
आशिक आवारा
बेवफाई.
जीत या हार
खुदाई इश्क़ की
सहारा
मेरा दिल
विरान सा दिल....
मतलब
पायल की छनक
एक दुनिया है जहां सर्दी है एक खुशी जहां बर्फ का टुकड़ा बोलता है तुमसे। एक दुनिया है जहां सर्दी है एक खुशी जहां बर्फ का टुकड़ा बोलता है तुमसे।
अपनी परछाई संग अठखेलियां करना सीखा देता है अपनी परछाई संग अठखेलियां करना सीखा देता है
ऊँचे तरुवर उन पर छाया सी करते, ऊँचे तरुवर उन पर छाया सी करते,
बर्फ की चादर पड़े शैल पर मन में उल्लास छाई है बर्फ की चादर पड़े शैल पर मन में उल्लास छाई है
रक्षाबंधन पर पिता के नेत्र ताकते रह जाते हैं रक्षाबंधन पर पिता के नेत्र ताकते रह जाते हैं
वार देते है अपना सर्वस्व अपने प्रियतम / प्रेयसी पर.... वार देते है अपना सर्वस्व अपने प्रियतम / प्रेयसी पर....
बाबुल की बुलबुल हैं वो एक ना एक दिन उड़ जायेगी। बाबुल की बुलबुल हैं वो एक ना एक दिन उड़ जायेगी।
होली आए जब कभी, रंग दे तन व मन, होली आए जब कभी, रंग दे तन व मन,
तुम होते तो दिन सुनहरे होते, और हर रात चांदनी होती तुम होते तो दिन सुनहरे होते, और हर रात चांदनी होती
तुम अपनी दर्द की गरमाहट में, लेते मुझ में करवटें तुम अपनी दर्द की गरमाहट में, लेते मुझ में करवटें
असमंजस में उलझा मानव मंजिल से निज भटक रहा । असमंजस में उलझा मानव मंजिल से निज भटक रहा ।
बांके बिहारी, बांवरिया हैं राधारमण मेरे, मन बसिया हैं, बांके बिहारी, बांवरिया हैं राधारमण मेरे, मन बसिया हैं,
चलो आज की रात ठहर कर बाहर का नज़ारा देखा जाए। चलो आज की रात ठहर कर बाहर का नज़ारा देखा जाए।
पहले नीरस सी ऐसी थी मैं घनश्याम, पर अब जाकर रस भरी हुई तेरे नाम,, पहले नीरस सी ऐसी थी मैं घनश्याम, पर अब जाकर रस भरी हुई तेरे नाम,,
हमारे दिल के अंदर गमों का एक बड़ा पहाड़ होता है, हमारे दिल के अंदर गमों का एक बड़ा पहाड़ होता है,
हालात जब कर देते हैं ज़िंदगी में पलटवार। क्यूँ हम अपनी भावनाएं बदल देते हर बार। हालात जब कर देते हैं ज़िंदगी में पलटवार। क्यूँ हम अपनी भावनाएं बदल देते हर बा...
चांदनी रातों में, सपनों की बातें हैं, खो जाएं जब हम, तो सपनों में हमें पाते हैं। चांदनी रातों में, सपनों की बातें हैं, खो जाएं जब हम, तो सपनों में हमें पाते ह...
आंखों के अश्रु को छिपा लेती है माँ और पिता को उदास नहीं करना चाहती आंखों के अश्रु को छिपा लेती है माँ और पिता को उदास नहीं करना चाहती
समय बदला, रंग बदला, रुप भी बदला, कभी नया था आज टुकड़ों में मैं मिला, समय बदला, रंग बदला, रुप भी बदला, कभी नया था आज टुकड़ों में मैं मिला,
धन्य धन्य हुए सभी जीव जन, धन्य धन्य हुआ हर एक भारतवासी, धन्य धन्य हुए सभी जीव जन, धन्य धन्य हुआ हर एक भारतवासी,