manasvi poyamkar
Fantasy
तेरी सारी यादें मिटा दी है मैंने
फिर भी दिल मे तेरा एक नाम गुंज रहा है
तुने बेवफा होकर ठुकरा दिया जिसे
वो वफाई में आज भी तेरा कलमा पढ़ रहा है।
पूरी हसरत
आशिक आवारा
बेवफाई.
जीत या हार
खुदाई इश्क़ की
सहारा
मेरा दिल
विरान सा दिल....
मतलब
पायल की छनक
खुद को भूल चुकी मनमौजी लड़की से रूबरू करवाती। खुद को भूल चुकी मनमौजी लड़की से रूबरू करवाती।
अपराध बोध उन्हें जैसे सताने लगा रोने का मतलब समझ में था आने लगा अपराध बोध उन्हें जैसे सताने लगा रोने का मतलब समझ में था आने लगा
मैं जाकर जंगलों में दरख़्तों से फरियाद लगाऊं मैं जाकर जंगलों में दरख़्तों से फरियाद लगाऊं
ख़ुद को खोजने का मेरा सफर बाकी है, मुझे रोकने का अब कोई गुनाह न कर. ख़ुद को खोजने का मेरा सफर बाकी है, मुझे रोकने का अब कोई गुनाह न कर.
मेरा भी मन करता है मैं मन की बात करूं। मेरा भी मन करता है मैं मन की बात करूं।
नए सफर की थी ये एक नई शुरुआत नए सफर की थी ये एक नई शुरुआत
रात की तीरगी मेरा मुकद्दर है अब रात को ही फिरता हूँ मैं दीवारों पर रात की तीरगी मेरा मुकद्दर है अब रात को ही फिरता हूँ मैं दीवारों पर
मेरे दिल की हर धड़कन पर, लिखा है बस तुम्हारा नाम। मेरे दिल की हर धड़कन पर, लिखा है बस तुम्हारा नाम।
कुमुदनी ताकती राहें, भ्रमर के पास आने का । भ्रमर बैठे लगाए आस, उनके मुस्कुराने का। कुमुदनी ताकती राहें, भ्रमर के पास आने का । भ्रमर बैठे लगाए आस, उनके मुस्कुरान...
बुराई की राह पर ना चले कोई ना दिल में भड़कता शोला हो बुराई की राह पर ना चले कोई ना दिल में भड़कता शोला हो
एक दिन राजकुमारी निकली थी पूजन को एक दिन राजकुमारी निकली थी पूजन को
तुम हवा के सरगम में तुम नदी के बहते जल में तुम हवा के सरगम में तुम नदी के बहते जल में
पूछूंगा अपनी वफ़ा के बारे में, क्या मैंने क्या था भला कसूर। पूछूंगा अपनी वफ़ा के बारे में, क्या मैंने क्या था भला कसूर।
ये चांद कैसा दिखता है घूंघट पट खोलो तो सही तुम्हारी ये खामोशी चुभती है कुछ बोलो तो सही ये चांद कैसा दिखता है घूंघट पट खोलो तो सही तुम्हारी ये खामोशी चुभती है कुछ बो...
झूठ की भी हद है आदमी आदमी से त्रस्त है यहाँ झूठ की भी हद है आदमी आदमी से त्रस्त है यहाँ
राधा के मोहन हो, तुम हीं मीरा गिरधर मन हीं तो बन जाओ श्याम भी, मेरे हो श्याम तुम्हीं.. राधा के मोहन हो, तुम हीं मीरा गिरधर मन हीं तो बन जाओ श्याम भी, मेरे हो श्याम ...
देख तेवर तूफ़ाँ का, तेवरी तन गई। मौत से ठन गई। देख तेवर तूफ़ाँ का, तेवरी तन गई। मौत से ठन गई।
उसका यूँ मेरी तलब में दीद करना प्यार के लिए काफ़ी है। उसका यूँ मेरी तलब में दीद करना प्यार के लिए काफ़ी है।
लौट के मौसम बहार का इन फिज़ाओं में आ भी सकता है।। लौट के मौसम बहार का इन फिज़ाओं में आ भी सकता है।।
या फिर कोई और सफेद झूठ बोलते हो प्यार के लिए। या फिर कोई और सफेद झूठ बोलते हो प्यार के लिए।