manasvi poyamkar
Fantasy
तेरी सारी यादें मिटा दी है मैंने
फिर भी दिल मे तेरा एक नाम गुंज रहा है
तुने बेवफा होकर ठुकरा दिया जिसे
वो वफाई में आज भी तेरा कलमा पढ़ रहा है।
पूरी हसरत
आशिक आवारा
बेवफाई.
जीत या हार
खुदाई इश्क़ की
सहारा
मेरा दिल
विरान सा दिल....
मतलब
पायल की छनक
बारी-बारी सबको परीक्षा के लिए बुलवाया राजा को कुछ भी किंतु समझ में ना आया बारी-बारी सबको परीक्षा के लिए बुलवाया राजा को कुछ भी किंतु समझ में ना आया
सोचते हैं मिलेगी शांति हर समय मगर कभी - कभी सता देता है भय। सोचते हैं मिलेगी शांति हर समय मगर कभी - कभी सता देता है भय।
जहां अपराध हुआ है, फिर उससे निपटता, उसको उसने, सर्वशक्तिमान कहा। जहां अपराध हुआ है, फिर उससे निपटता, उसको उसने, सर्वशक्तिमान कहा।
पूरे कर दे जो सफ़र वो राह देख तू ख़्वाब देख पूरे कर दे जो सफ़र वो राह देख तू ख़्वाब देख
अजब तमाशे रचे है तुमने, यक ब यक बार हा इस दिल के सौज़ को भी , खखेड़ दिए तुमने अजब तमाशे रचे है तुमने, यक ब यक बार हा इस दिल के सौज़ को भी , खखेड़ दिए तुमने
उम्र तमाम होने को है इक याद तेरी है वही। उम्र तमाम होने को है इक याद तेरी है वही।
ब भी दम निकले, साथ ही निकले, हर दुआओं को हो ये असर।। ब भी दम निकले, साथ ही निकले, हर दुआओं को हो ये असर।।
कसम से इस *अबोध* के दिल में गजब की तबाही सी मचाई है।। कसम से इस *अबोध* के दिल में गजब की तबाही सी मचाई है।।
तुम कही "वही " तो नहींं, जो हर वक्त याद आ रहे हो ! तुम कही "वही " तो नहींं, जो हर वक्त याद आ रहे हो !
इस पोशाक को, उसने इसे इंसाफ का चोला कहा। इस पोशाक को, उसने इसे इंसाफ का चोला कहा।
यूं ही ज़िंदगी गुज़र जाएगी इंतज़ार में, और बाद में फिर मौत का इंतज़ार है।। यूं ही ज़िंदगी गुज़र जाएगी इंतज़ार में, और बाद में फिर मौत का इंतज़ार है।।
कि रह लेंगे हम तो उनके बिना पर क्या ये भी कोई जिन्दगी कहलाती है ? कि रह लेंगे हम तो उनके बिना पर क्या ये भी कोई जिन्दगी कहलाती है ?
जब से तुमसे मुहब्बत हम करने लगे खूबसूरत से अरमान पलने लगे । जब से तुमसे मुहब्बत हम करने लगे खूबसूरत से अरमान पलने लगे ।
जब भी समय के साथ रिश्तों की चमक फीकी पड़े। जब भी समय के साथ रिश्तों की चमक फीकी पड़े।
आज की शाम सुहानी के ख्यालों के नाम। आज की शाम सुहानी के ख्यालों के नाम।
मिल जाता महल उनको रहने के लिए जो छिप जाते हैं किसी पेड़ के नीचे बारिश-धूप से बचने को। मिल जाता महल उनको रहने के लिए जो छिप जाते हैं किसी पेड़ के नीचे बारिश-धूप स...
तभी आया एक कालेज का लड़का, समझ गया, उनकी करतूत, तभी आया एक कालेज का लड़का, समझ गया, उनकी करतूत,
पैसा एक ढेला भी नहीं, तुम कैसी ये दौलत पाए। पैसा एक ढेला भी नहीं, तुम कैसी ये दौलत पाए।
चांद में अब तेरा चेहरा नजर आता है ख्वाब भी अब तेरे दर पे ही जाता है चांद में अब तेरा चेहरा नजर आता है ख्वाब भी अब तेरे दर पे ही जाता है
तेरे आशिकी की धूप में रहकर अपना ये जहाँ रौशन करना चाहती हूँ। तेरे आशिकी की धूप में रहकर अपना ये जहाँ रौशन करना चाहती हूँ।