manasvi poyamkar
Fantasy
मेरी जीतने की तलब कुछ ऐसी थी
के जब माँ के आँचल में
कोई इनाम नजर ना आया
तो मैंने उसका भी साथ छोड़ दिया।
पूरी हसरत
आशिक आवारा
बेवफाई.
जीत या हार
खुदाई इश्क़ की
सहारा
मेरा दिल
विरान सा दिल....
मतलब
पायल की छनक
बाहर घूम वो रहे सब क़ातिल कब हुए सलीब है देखिए बाहर घूम वो रहे सब क़ातिल कब हुए सलीब है देखिए
फिर भी मैं ये जज़्बात तुमको सुनाना चाहता हूं। फिर भी मैं ये जज़्बात तुमको सुनाना चाहता हूं।
खुदगर्जी की अब दुनिया ऐसी हो गई मजे मजे में अपने को ही यारों लुटा गई। खुदगर्जी की अब दुनिया ऐसी हो गई मजे मजे में अपने को ही यारों लुटा गई।
सूरज जब ढलता है, आप याद आते हैं, सूरज जब ढलता है, आप याद आते हैं,
सरसराहट करने आई हूं ए हवा मैं भी आज तेरे साथ बहने आई हूं सरसराहट करने आई हूं ए हवा मैं भी आज तेरे साथ बहने आई हूं
चमचमाती पोशाकों में सज रहे अंध कूप, चमचमाती पोशाकों में सज रहे अंध कूप,
मेरे होटों पर खामोशी नहीं तेरी होठ होना था, शायद कभी दिल मुझे छोड़कर नहीं जाता । मेरे होटों पर खामोशी नहीं तेरी होठ होना था, शायद कभी दिल मुझे छोड़कर नहीं जात...
कुछ हालात खराब थे कुछ किस्मत यूं जिंदगी ने हम दोनों को रुसवा किया कुछ हालात खराब थे कुछ किस्मत यूं जिंदगी ने हम दोनों को रुसवा किया
कुछ कर गुजरने की लगन है। मंजिल तक जो जाना है कुछ कर गुजरने की लगन है। मंजिल तक जो जाना है
हम चाहते है तुझको, खुद के अहम से ज्यादा, हम चाहते है तुझको, खुद के अहम से ज्यादा,
इस जन्म का ही नहीं जन्मो जन्मो का मीत बन जायेगा इस जन्म का ही नहीं जन्मो जन्मो का मीत बन जायेगा
अपनो का प्यार, अपनो का साथ, मिल जाते, हर पल , हर वक्त, अपनो का प्यार, अपनो का साथ, मिल जाते, हर पल , हर वक्त,
चाहत के स्वाद में पक रही चाय चाहत के स्वाद में पक रही चाय
बहके बहके से कदम मुहब्बत की राहों पर चल पड़े हैं बहके बहके से कदम मुहब्बत की राहों पर चल पड़े हैं
उतनी ही सहजता से पलता है उतनी ही सहजता से सुरक्षित रहता है। उतनी ही सहजता से पलता है उतनी ही सहजता से सुरक्षित रहता है।
तुम्हारी रूबरू आवाज़ सुनने को कान तरस रहे हैं कानों का निमंत्रण हैं चले आओ तुम्हारी रूबरू आवाज़ सुनने को कान तरस रहे हैं कानों का निमंत्रण हैं चले आओ
उनींदा स्वप्न जाग गया, अधजगी शबनम मुस्करा दी। लबों पे अब, मुस्कराहट आने लगी। उनींदा स्वप्न जाग गया, अधजगी शबनम मुस्करा दी। लबों पे अब, मुस्कराहट आने...
मुहब्बत थी कहां उससे हमें कभी वो बेवजह ही गलतफहमी पालते हुए रह जाएँगे मुहब्बत थी कहां उससे हमें कभी वो बेवजह ही गलतफहमी पालते हुए रह जाएँगे
वो उनका चाय को फूंक मारना और हमारा उनके गालों को सहलाना। वो उनका चाय को फूंक मारना और हमारा उनके गालों को सहलाना।
कुछ खूबसूरत साथ, कभी छुटा नहीं करतें, कुछ खूबसूरत साथ, कभी छुटा नहीं करतें,