manasvi poyamkar
Fantasy
मेरी जीतने की तलब कुछ ऐसी थी
के जब माँ के आँचल में
कोई इनाम नजर ना आया
तो मैंने उसका भी साथ छोड़ दिया।
पूरी हसरत
आशिक आवारा
बेवफाई.
जीत या हार
खुदाई इश्क़ की
सहारा
मेरा दिल
विरान सा दिल....
मतलब
पायल की छनक
अनमोल नहीं कोई चीज यहां सब समय मूल्य करवाता है। अनमोल नहीं कोई चीज यहां सब समय मूल्य करवाता है।
कांटों भरी है राह मंज़िल की मर्जी तुम्हारी मानो या न मानो। कांटों भरी है राह मंज़िल की मर्जी तुम्हारी मानो या न मानो।
कर्मठ हूं मैं और हमें, अपने कर्म का ज्ञान है, कर्मठ हूं मैं और हमें, अपने कर्म का ज्ञान है,
सचमुच वह किसान नहीं, भगवान का है अवतार।। सचमुच वह किसान नहीं, भगवान का है अवतार।।
कुछ अंदाज़ा लगे की क्यूं हो तुम, कभी ठंडी छाव, कभी रूखी सी। कुछ अंदाज़ा लगे की क्यूं हो तुम, कभी ठंडी छाव, कभी रूखी सी।
दिखावटी दिल तो अब हर जगह जैसे बिकने लगा है। दिखावटी दिल तो अब हर जगह जैसे बिकने लगा है।
उम्मीद, जिम्मेदारी, परिवार, और बहुत, ये सब देखना आसान नहीं होता। उम्मीद, जिम्मेदारी, परिवार, और बहुत, ये सब देखना आसान नहीं होता।
उसके बिन किस्मत हमारा अधुरा-अधुरा हो एक लड़की थी पगली...... उसके बिन किस्मत हमारा अधुरा-अधुरा हो एक लड़की थी पगली......
हम कभी भूलेंगे नहीं, ना तुम याद रखना आधी जिंदगी काटने के बाद, सही कोई लगा है हम कभी भूलेंगे नहीं, ना तुम याद रखना आधी जिंदगी काटने के बाद, सही कोई लगा है
जो कहे मुझसे कभी मत घबराना। और कहे मुझसे हार मत जाना। जो कहे मुझसे कभी मत घबराना। और कहे मुझसे हार मत जाना।
तुम बिन सूना संसार है, तुम्हारा हमें इंतजार है। तुम बिन सूना संसार है, तुम्हारा हमें इंतजार है।
जीवन एक संघर्ष की सीढी चलता जा….बढ़ता जा।” जीवन एक संघर्ष की सीढी चलता जा….बढ़ता जा।”
ज़रा तसल्ली से हमें पढ़कर देखो, हम समझ में आ जाएंगे... ज़रा तसल्ली से हमें पढ़कर देखो, हम समझ में आ जाएंगे...
ढूँढ रही ‘सविता’वो चेहरा जो चाहत जगा जाए। ढूँढ रही ‘सविता’वो चेहरा जो चाहत जगा जाए।
एक सुंदर व्यक्ति की पहचान उसका कर्म है यही उसका धर्म है। एक सुंदर व्यक्ति की पहचान उसका कर्म है यही उसका धर्म है।
प्रकृति के संग है खुशी।। हर तरफ है, ख़ुशी बस पहचाना है हमें... अपनी खुशी। प्रकृति के संग है खुशी।। हर तरफ है, ख़ुशी बस पहचाना है हमें... अपनी खुशी।
करूं वह चांद की दीदार जरा आँखें तो बंद कर ये रात ! थोड़ा ठहर जा जरा रह रह के गुज़र.. करूं वह चांद की दीदार जरा आँखें तो बंद कर ये रात ! थोड़ा ठहर जा जरा रह ...
शिकवा या शिकायत तो कमजोर करते है, हम तो अच्छे को अच्छा, बुरे को किनारे करते है शिकवा या शिकायत तो कमजोर करते है, हम तो अच्छे को अच्छा, बुरे को किनारे करते ह...
मैं उन लोगों से वाकिफ हूं जो कहकर मिलने नहीं आते ।। मैं उन लोगों से वाकिफ हूं जो कहकर मिलने नहीं आते ।।
मेरा घर आंगन ही नहीं मेरी सारी दुनिया ही तुमसे है सिर्फ तुमसे। मेरा घर आंगन ही नहीं मेरी सारी दुनिया ही तुमसे है सिर्फ तुमसे।