manasvi poyamkar
Fantasy
मेरी जीतने की तलब कुछ ऐसी थी
के जब माँ के आँचल में
कोई इनाम नजर ना आया
तो मैंने उसका भी साथ छोड़ दिया।
पूरी हसरत
आशिक आवारा
बेवफाई.
जीत या हार
खुदाई इश्क़ की
सहारा
मेरा दिल
विरान सा दिल....
मतलब
पायल की छनक
लड़—लड़ कर आपस में, किसी को राज करने का मौका ना दो। लड़—लड़ कर आपस में, किसी को राज करने का मौका ना दो।
यही जीवन है मेरा बस, यही है अब जीवन की राहें। यही जीवन है मेरा बस, यही है अब जीवन की राहें।
बिना दस्तक दिये फिर एकाएक ही दिल के अहाते में भर जाता। बिना दस्तक दिये फिर एकाएक ही दिल के अहाते में भर जाता।
तुम्हारे तालु पे उकर सृस्टि के अंत तक सिर्फ तुम्हारा हो जाऊंगा। तुम्हारे तालु पे उकर सृस्टि के अंत तक सिर्फ तुम्हारा हो जाऊंगा।
ना भय की बात हो ना दफन याद की कल्पना ना भय की बात हो ना दफन याद की कल्पना
जहां बसता हो प्रकृति का अनछुआ समा।। जहां बसता हो प्रकृति का अनछुआ समा।।
मिल जाये लड़का और लड़की, यही काफी नहीं। पहले देख तो लो लड़की का मंगल, शनि तो भारी नहीं मिल जाये लड़का और लड़की, यही काफी नहीं। पहले देख तो लो लड़की का मंगल, शनि तो ...
होने वाली हर आहट तुम जिंदगी की हर अहसास तुम होने वाली हर आहट तुम जिंदगी की हर अहसास तुम
तुम्हारे एहसास में तो नीम भी गुलाब सा महकता है, तुम्हारे एहसास में तो नीम भी गुलाब सा महकता है,
पागलों सी हरकत करते हुए दीवाने से लगते हैं पागलों सी हरकत करते हुए दीवाने से लगते हैं
गुलाब की पंखुड़ियों से अधरों का कंपन एक पल में सदियों जी गया ये तन मन गुलाब की पंखुड़ियों से अधरों का कंपन एक पल में सदियों जी गया ये तन मन
हलकी सी वो बारिश की बूंदें तुम अपने साथ ले आना.. हलकी सी वो बारिश की बूंदें तुम अपने साथ ले आना..
अपनी जिंदगी की कहानी वह खुद ही लिखना चाहती है ! अपनी जिंदगी की कहानी वह खुद ही लिखना चाहती है !
तेरे दिल को खोल रही हैं, जिसमें राधा नाम यूँ। तेरे दिल को खोल रही हैं, जिसमें राधा नाम यूँ।
दरीचों के इस पार चुपचाप आँखों से छलक जाती हैं, दरीचों के इस पार चुपचाप आँखों से छलक जाती हैं,
वो भाई हैं जो पिता बन मायके में बचपन सी खुशी देते हैं। वो भाई हैं जो पिता बन मायके में बचपन सी खुशी देते हैं।
रूह के बिना ये शरीर बेजान सा रहता है तेरे बिना मेरा दिल कहीं भी नहीं लगता है रूह के बिना ये शरीर बेजान सा रहता है तेरे बिना मेरा दिल कहीं भी नहीं लगता है
माध्यम प्रेमी मन के चौखट पे फहराया जायेगा। माध्यम प्रेमी मन के चौखट पे फहराया जायेगा।
सुन लो करुणा पुकार मेरी मैं तुम्हारा तुम अर्धांगिनी हो स्रष्टि के अंत तक मेरी। सुन लो करुणा पुकार मेरी मैं तुम्हारा तुम अर्धांगिनी हो स्रष्टि के अंत तक मेर...
पुरुष के वजुद को बनाये रखा फिर सरनेम पुरुष का कैसे ? पुरुष के वजुद को बनाये रखा फिर सरनेम पुरुष का कैसे ?