manasvi poyamkar
Fantasy
मेरे खुदाई का सबब
तुम बन गये हो कुछ इस कदर।
के लोग खुदा का कलमा पढ़ते हैं
और मैं तुम्हारा नाम।
पूरी हसरत
आशिक आवारा
बेवफाई.
जीत या हार
खुदाई इश्क़ की
सहारा
मेरा दिल
विरान सा दिल....
मतलब
पायल की छनक
जज्बा अप्रतिम प्रस्तर सा हौसला, स्वर्ण से भी हो नाजुक तुम जज्बा अप्रतिम प्रस्तर सा हौसला, स्वर्ण से भी हो नाजुक तुम
रहता नहीं जब कोई साथ मेरे, कांपते है सर्द में हाथ मेरे. रहता नहीं जब कोई साथ मेरे, कांपते है सर्द में हाथ मेरे.
रावणों के सम्मुख बेबस लग रहा है न्याय कानून के हाथों की पकड़ ढ़ीली होने लगी है। रावणों के सम्मुख बेबस लग रहा है न्याय कानून के हाथों की पकड़ ढ़ीली होने लगी है...
कितना सुंदर कितना प्यारा यारों गाँव था हमारा कितना सुंदर कितना प्यारा यारों गाँव था हमारा
जब सारी दुनिया डोलती हो जब मौत की तूती बोलती हो जब सारी दुनिया डोलती हो जब मौत की तूती बोलती हो
युधिष्ठिर की बात करूं मैं क्या, 'सत्यवादी' हरिश्चंद्र सा कोई नहीं युधिष्ठिर की बात करूं मैं क्या, 'सत्यवादी' हरिश्चंद्र सा कोई नहीं
जीवन पर्यंत सपना देखा विकास हो चहूँ ओर आया अवधि पंचवर्षीय जीवन पर्यंत सपना देखा विकास हो चहूँ ओर आया अवधि पंचवर्षीय
मेरी बढ़ती उम्र की निशानियां! पुरानी तस्वीरों पर जमा होती गर्द की मोटी परतें! मेरी बढ़ती उम्र की निशानियां! पुरानी तस्वीरों पर जमा होती गर्द की मोटी परते...
सुखद विहंगम भोर दृश्य था, सुर-दुर्लभ प्रकृति की छाँव में सुखद विहंगम भोर दृश्य था, सुर-दुर्लभ प्रकृति की छाँव में
मैं बैठा समुद्र किनारे रेत सा, तुम लहर सी बनकर आते रहना... मैं बैठा समुद्र किनारे रेत सा, तुम लहर सी बनकर आते रहना...
सारा जीवन बुझता दीपक ठिठुर गया पर दान लिया न।। सारा जीवन बुझता दीपक ठिठुर गया पर दान लिया न।।
जो तेरे सामने फीके लगते हैं तुझसे बातें करने लगते हैं।। जो तेरे सामने फीके लगते हैं तुझसे बातें करने लगते हैं।।
इस टूटते तारे की मूरत मेरे मन में भी कई मुरादें जगती है इस टूटते तारे की मूरत मेरे मन में भी कई मुरादें जगती है
किसी की दिल की धड़कन बन जाऊं। धकधक बन सिर्फ खुद को ही सुनूँ।। किसी की दिल की धड़कन बन जाऊं। धकधक बन सिर्फ खुद को ही सुनूँ।।
मन कुंठित हो जाता है, तब लावा हिलोरे लेता है, मन कुंठित हो जाता है, तब लावा हिलोरे लेता है,
इंद्रधनुष के पार एक जहां कल देखा मैंने आकाश में नदियों का जल अमृत जैसा। इंद्रधनुष के पार एक जहां कल देखा मैंने आकाश में नदियों का जल अमृत जैसा।
दीवानी भी हो तो मुरलीवाले के मुस्कान पे ! माँ तुम सचमुच देवी हो ! दीवानी भी हो तो मुरलीवाले के मुस्कान पे ! माँ तुम सचमुच देवी हो !
लकीरों में भले हो ना हो, इस दिल पे लिखा है नाम तेरा... लकीरों में भले हो ना हो, इस दिल पे लिखा है नाम तेरा...
यार वो बचपन ही अच्छा था, जिसमें मिट्टी का महल जरूर था, यार वो बचपन ही अच्छा था, जिसमें मिट्टी का महल जरूर था,
मैं वो किताब हूँ, जिसके हर पन्ने पर तेरा नाम है मैं वो अनकही दास्तां हूँ, जिसे सिर्फ स मैं वो किताब हूँ, जिसके हर पन्ने पर तेरा नाम है मैं वो अनकही दास्तां हूँ, जिस...