manasvi poyamkar
Fantasy
मेरे खुदाई का सबब
तुम बन गये हो कुछ इस कदर।
के लोग खुदा का कलमा पढ़ते हैं
और मैं तुम्हारा नाम।
पूरी हसरत
आशिक आवारा
बेवफाई.
जीत या हार
खुदाई इश्क़ की
सहारा
मेरा दिल
विरान सा दिल....
मतलब
पायल की छनक
मैं तुम्हारे उस प्रेम से संवरना चाहूँगी मैं तुम्हारे उस प्रेम से संवरना चाहूँगी
न जाने क्यों इन रातों ने मुझे किस गहरी नींद ने घेरा रखा है न जाने क्यों इन रातों ने मुझे किस गहरी नींद ने घेरा रखा है
शीशे के सामने बैठकर खुद को शीशे के सामने बैठकर खुद को
तनहाई को मिल के मिटा दो, खो जाएंगे हम तुम वरना तनहाई को मिल के मिटा दो, खो जाएंगे हम तुम वरना
अन्त समय जब आये जीवन में फिर क्यों राम- राम का गाना मुख में आए अन्त समय जब आये जीवन में फिर क्यों राम- राम का गाना मुख में आए
कितनी ही ऊंची भरे उड़ान परिंदा लेकिन कितनी ही ऊंची भरे उड़ान परिंदा लेकिन
अब बात नहीं होती है , अब बात कभी नहीं होगी अब बात नहीं होती है , अब बात कभी नहीं होगी
मैं खो कर इस दुनिया की भीड़ में पूरी कर लूँ वो हर एक हसरत... मैं खो कर इस दुनिया की भीड़ में पूरी कर लूँ वो हर एक हसरत...
जिसको तुम सलामी देते हो सुबह , शाम , दोपहर। जिसको तुम सलामी देते हो सुबह , शाम , दोपहर।
यही मकसद था उनका प्रेम अहिंसा और सदाचार यही मकसद था उनका प्रेम अहिंसा और सदाचार
सराबोर होकर पहले हम से मिलो हमारे हो जाओ। सराबोर होकर पहले हम से मिलो हमारे हो जाओ।
एक में याद है, दूसरे में आस, एक को है तजुर्बा, दूसरे को विश्वास ... एक में याद है, दूसरे में आस, एक को है तजुर्बा, दूसरे को विश्वास ...
इस प्रकार का रिश्ता दो व्यक्तियों के बीच गहरे संबंध और आपसी समझ को दर्शाता है। इस प्रकार का रिश्ता दो व्यक्तियों के बीच गहरे संबंध और आपसी समझ को दर्शाता है...
बुद्धजीवी इंसानों को एक, सिद्धांत समझ आना चाहिए । बुद्धजीवी इंसानों को एक, सिद्धांत समझ आना चाहिए ।
जोगी हो तुम जोग लियो है प्रेम विरह रस तुमरे भाने , जोगी हो तुम जोग लियो है प्रेम विरह रस तुमरे भाने ,
कड़कती धूप देता है पीपल की घनी छांव देता है कड़कती धूप देता है पीपल की घनी छांव देता है
नववर्ष २०२५ का आगमन होगा नववर्ष २०२५ का आगमन होगा
खुशबू उनकी मेरे साँसों में घुलकर बहती रहती थी।। खुशबू उनकी मेरे साँसों में घुलकर बहती रहती थी।।
साथ तुम्हारा है जो अंतिम गीत सुनहरा हो साथ तुम्हारा है जो अंतिम गीत सुनहरा हो
बारिश में भीग कर कड़ी धूप में यूं जल कर भी वो बढ़ जाते हैं बारिश में भीग कर कड़ी धूप में यूं जल कर भी वो बढ़ जाते हैं