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manasvi poyamkar

Abstract

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manasvi poyamkar

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मेरा दिल

मेरा दिल

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टूटे हुए मेरे दिल को

सहारा देना चाहता है कोई

पर मेरा दिल है के

अभी भी लिपटा हुआ है 

उनके जज्बातो से

मिटा नही सकता जिसकी यादे मै!


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