manasvi poyamkar
Fantasy
गलत कहते हैं लोग
कि मैं एक आशिक आवारा हूँ
आवारा तो मैं पहले से था
आशिक तू मुझे तेरी नजरों ने कर दिया।
पूरी हसरत
आशिक आवारा
बेवफाई.
जीत या हार
खुदाई इश्क़ की
सहारा
मेरा दिल
विरान सा दिल....
मतलब
पायल की छनक
तुम प्रेम का गीत, हृदय का नांद हो मैंने संगीत को मौसम में घुलते देखा है तुम प्रेम का गीत, हृदय का नांद हो मैंने संगीत को मौसम में घुलते देखा है
दिल तो ले ही लिया तुमने घायल कर अपनी इन अदाओं से जान भी ये अब तुम्हारी है चाहे पूछ लो दिल तो ले ही लिया तुमने घायल कर अपनी इन अदाओं से जान भी ये अब तुम्हारी है चाह...
रूह से रूह ने मिलके सीखा देह का हर एक दाग़ छुपाना...! रूह से रूह ने मिलके सीखा देह का हर एक दाग़ छुपाना...!
भावनाओं की डोर पर तर्क के खंजर से न वार करना भावनाओं की डोर पर तर्क के खंजर से न वार करना
आईं मिथिला की राजकुमारी वधू बनकर तुम्हारा अहोभाग्य था आईं मिथिला की राजकुमारी वधू बनकर तुम्हारा अहोभाग्य था
मुझसे दूर हो मगर ये हमेशा मुझे तुम्हारी याद दिलाते रहते हैं। मुझसे दूर हो मगर ये हमेशा मुझे तुम्हारी याद दिलाते रहते हैं।
एक कविता - : 'सबसे भूखा आदमी' एक कविता - : 'सबसे भूखा आदमी'
मोहब्बत नाम हटा देना इतिहास -भविष्य के ख्यालों से, मन के भावों से, जान प्यारी है तो मोहब्बत नाम हटा देना इतिहास -भविष्य के ख्यालों से, मन के भावों से, जान प्यार...
इक चूनर है जिसपर उसने खुद टांके थे चांद सितारे आज किसी ने पूछा मुझसे क्या रखा है पास इक चूनर है जिसपर उसने खुद टांके थे चांद सितारे आज किसी ने पूछा मुझसे क्या रखा...
या हर हासिल की ऊंचाई में एक खोखलापन रह जाएगा? या हर हासिल की ऊंचाई में एक खोखलापन रह जाएगा?
इस हरे-भरे जंगल में, समय का कोई पता नहीं चलता। इस हरे-भरे जंगल में, समय का कोई पता नहीं चलता।
तुमसे मिलकर अक्सर नज़रें झुकाते है, हवा से भी नज़रें नहीं मिला पाये, तुमसे मिलकर अक्सर नज़रें झुकाते है, हवा से भी नज़रें नहीं मिला पाये,
मशहूर है सनम तेरा सितम, बस्ती-ए-चाहत में, पर तेरा ये सितम, कि सितम भी, मुझपर कहाँ हुआ...! मशहूर है सनम तेरा सितम, बस्ती-ए-चाहत में, पर तेरा ये सितम, कि सितम भी, मुझपर कहा...
और हमारे प्यार से रिश्ता अब सपनों की दुनिया मे निभाया करो और हमारे प्यार से रिश्ता अब सपनों की दुनिया मे निभाया करो
यह बहती नदी भी मैं आज से तुम औरतों के हवाले कर रहा हूँ यह बहती नदी भी मैं आज से तुम औरतों के हवाले कर रहा हूँ
मृत्यु का आगमन, एक निश्चित सत्य, जीवन की चरम सीमा, अन्त की यह प्रेरणा। मृत्यु का आगमन, एक निश्चित सत्य, जीवन की चरम सीमा, अन्त की यह प्रेरणा।
उसमें है जीवन की गाथा, हर राज का खुलासा। उसमें है जीवन की गाथा, हर राज का खुलासा।
जिन्न ने कहा," जो हुक्म मेरे आका, इस वक्त की यही उचित मांग है।" जिन्न ने कहा," जो हुक्म मेरे आका, इस वक्त की यही उचित मांग है।"
मेरी मम्मी और सभी की मम्मी किसी ने निकाली नहीं आज तक एक आवाज़ कि काम ज्यादा या मैं थक गई पूरी ज़िदग... मेरी मम्मी और सभी की मम्मी किसी ने निकाली नहीं आज तक एक आवाज़ कि काम ज्यादा या ...
ब्रज भूमि तो पिया की मोरे लीला का स्थल था, सीखना जो सबको पाठ अमर था ब्रज भूमि तो पिया की मोरे लीला का स्थल था, सीखना जो सबको पाठ अमर था