manasvi poyamkar
Fantasy
गलत कहते हैं लोग
कि मैं एक आशिक आवारा हूँ
आवारा तो मैं पहले से था
आशिक तू मुझे तेरी नजरों ने कर दिया।
पूरी हसरत
आशिक आवारा
बेवफाई.
जीत या हार
खुदाई इश्क़ की
सहारा
मेरा दिल
विरान सा दिल....
मतलब
पायल की छनक
'कांपती पत्ती गुलाब की, यूँ अधरों को में रूप देता, फिर सिखा तुझे नाम अपना, तुझसे नया सा सुन लेता।' ए... 'कांपती पत्ती गुलाब की, यूँ अधरों को में रूप देता, फिर सिखा तुझे नाम अपना, तुझसे...
मुझे एक दिन और मिला इस संसार का हिस्सा बनने के लिए। मुझे एक दिन और मिला इस संसार का हिस्सा बनने के लिए।
मैं अपनी हकीकत से खुद को नकार कर खुद की हकीकत खोजने में गुम हो चुका मैं अपनी हकीकत से खुद को नकार कर खुद की हकीकत खोजने में गुम हो चुका
भावनाओं की डोर पर तर्क के खंजर से न वार करना भावनाओं की डोर पर तर्क के खंजर से न वार करना
आईं मिथिला की राजकुमारी वधू बनकर तुम्हारा अहोभाग्य था आईं मिथिला की राजकुमारी वधू बनकर तुम्हारा अहोभाग्य था
एक कविता - : 'सबसे भूखा आदमी' एक कविता - : 'सबसे भूखा आदमी'
राग छेड़ा मुख पर पिया, मैं प्रेम रथ का ताज बनूँ । राग छेड़ा मुख पर पिया, मैं प्रेम रथ का ताज बनूँ ।
मोहब्बत नाम हटा देना इतिहास -भविष्य के ख्यालों से, मन के भावों से, जान प्यारी है तो मोहब्बत नाम हटा देना इतिहास -भविष्य के ख्यालों से, मन के भावों से, जान प्यार...
शबनम की बूँद प्यार के खुमार में भौंरों के गुंजन गान में गुलशन गुलज़ार में शबनम की बूँद प्यार के खुमार में भौंरों के गुंजन गान में गुलशन गुलज़ार में
मुझ में अच्छे गुण भी हैं और बुरे गुण भी हैं मुझ में अच्छे गुण भी हैं और बुरे गुण भी हैं
रह लेता हूँ मैं भी अकेला, जैसे रहती हो तुम भी खोई, ये बेपरवाही या और ही कुछ है, तुम तो अब नादाँ नहीं... रह लेता हूँ मैं भी अकेला, जैसे रहती हो तुम भी खोई, ये बेपरवाही या और ही कुछ है, ...
तुमसे मिलकर अक्सर नज़रें झुकाते है, हवा से भी नज़रें नहीं मिला पाये, तुमसे मिलकर अक्सर नज़रें झुकाते है, हवा से भी नज़रें नहीं मिला पाये,
वात्सल्य उनकी आँखों का वर्णन से है दूर बहुत वात्सल्य उनकी आँखों का वर्णन से है दूर बहुत
मुझे दगाबाज समझ कभी मुंह फेर मत लेना क्या तुम कर सकते हो मुझसे प्यार उतना? मुझे दगाबाज समझ कभी मुंह फेर मत लेना क्या तुम कर सकते हो मुझसे प्यार...
तब इन्हीं रंगों को देख थोड़ा सुख चैन पाता हूँ तब इन्हीं रंगों को देख थोड़ा सुख चैन पाता हूँ
दिन भर नियति से लड़, जब मैं थक जाता हूँ तब इन्हीं रंगों को देख, थोड़ा सुख चैन पाता हूँ। दिन भर नियति से लड़, जब मैं थक जाता हूँ तब इन्हीं रंगों को देख, थोड़ा सुख चैन प...
मृत्यु का आगमन, एक निश्चित सत्य, जीवन की चरम सीमा, अन्त की यह प्रेरणा। मृत्यु का आगमन, एक निश्चित सत्य, जीवन की चरम सीमा, अन्त की यह प्रेरणा।
इसलिए वह कुछ बोलता नहीं है सिर्फ देखता रहता है, मुस्कुराता रहता है। इसलिए वह कुछ बोलता नहीं है सिर्फ देखता रहता है, मुस्कुराता रहता है।
वो लोग जिन्होंने देखा ये चेहरा तो कई दफ़ा फिर भी पढ़ा नहीं इस चेहरे को कभी , वो लोग जिन्होंने देखा ये चेहरा तो कई दफ़ा फिर भी पढ़ा नहीं इस चेहरे को कभी ...
ब्रज भूमि तो पिया की मोरे लीला का स्थल था, सीखना जो सबको पाठ अमर था ब्रज भूमि तो पिया की मोरे लीला का स्थल था, सीखना जो सबको पाठ अमर था