STORYMIRROR

Priya Gupta

Fantasy

4  

Priya Gupta

Fantasy

रंग बरसे

रंग बरसे

1 min
190

रंगों का संदेशा लाया, फूल खिले उपवन हर्षाया।

रंगों को अपने संग लाया, रंग रंगीला फागुन आया।।


पतझड़ बीता होली आई, खेतों में सरसों लहराई।

खलिहानों में उपज है आई, अन्न दाता घर खुशियां छाई।।

हर घर बन रही मिठाई।

रंग बिरंगी होली आई।।


रंग गुलाबी नीले लाल, होली खेले युवा वृद्ध बाल।

रंगों भरी मारे पिचकारी, एक दूजे के रंग रहे गाल।।

हुरीयारों ने धूम मचाई।

रंग बिरंगी होली आई।।


रंगों भरा रंगोत्सव आया, रंगों की बौछारें लाया।

कोयल कूकी फगुआ गाया, रंगों से आसमान छाया।।

रंगों भरी मिल रही बधाई।

रंग बिरंगी होली आई।।


प्यारा सा मौसम है आया, फूल खिले फागुन सर साया।

"प्रिया" प्रित पावस बरसाया, प्यारा सा संदेशा लाया।।

हर आंगन में खुशियां छाई।

रंग बिरंगी होली आई।।


रंगों के पावन पर्व होली की आप सभी को बधाई।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy