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Akanksha Gupta (Vedantika)

Drama Romance

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Akanksha Gupta (Vedantika)

Drama Romance

होली गीत

होली गीत

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इस बरस ना खेलूं मैं होली

ओ हमजोली सजन ना आयो रे

देखो आ गई यारों की टोली

ओ हमजोली सजन ना आयो रे

मलमल की चुनरिया रह गई कोरी

मैंने चढ़ा ली प्रेम की भांग जो थोड़ी


आया ना मेरा रंगरसिया जो इस होरी

रह जाय ये मेरी पहली होली अधूरी

इस बरस ना खेलूं मैं होली

ओ हमजोली सजन ना आयो रे

देखो आ गई यारों की टोली

ओ हमजोली सजन ना आयो रे


सूखी-सूखी रह गई मोरी चुनरिया

मारे पिचकारी चिढ़ाए मोहे सखियां

ना जाने पीर बनाए बस बतिया

क्यों ना आया रे तेरा रंगरसिया

क्या बताऊँ उन्हें तेरी नौकरी


सौतन बनी मेरी निगोड़ी छोकरी

ना छोड़े पीछा मोय पिया का देखो

उसकी याद में मैं भई बावरी

अब उसको और ना झेलूं

अब क़भी होली ना खेलूं


इस बरस ना खेलूं मैं होली

ओ हमजोली सजन ना आयो रे

देखो आ गई यारों की टोली

ओ हमजोली सजन ना आयो रे।


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