STORYMIRROR

Surendra kumar singh

Fantasy

4  

Surendra kumar singh

Fantasy

हमसुरेन्द्र कुमार सिंह चांस

हमसुरेन्द्र कुमार सिंह चांस

1 min
281

मेरे और तुम्हारे बीच

एक रास्ता है

जिस पर चलते हुये

तुम मेरे पास आये हुये है

मुझे भी उस रास्ते की तलाश है

ताकी उस पर चलकर

तुम तक पहुंचूं।

एक रास्ता हमारे तुम्हारे बीच 

कोई और चल ही नहीं सकता

इस रास्ते पर

हमारे सिवाय।

तुम्हारे लिये यह सहज है

और मेरे लिये मत ही पूछो

उसपर चलते हुये

अनुभव कर रहा हूं

ध्यान का, तप का

ज्ञान का मोह का

आसक्ति का विरक्ति का

योग का, विसर्जन का

सफलता का असफलता का

पा रहा हूं हर जगह तुमको

अपने से पहले।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy