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sai mahapatra

Drama Inspirational

4  

sai mahapatra

Drama Inspirational

हमें भूल गए तुम

हमें भूल गए तुम

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हमें भूल गए तुम तुम्हें भूल गए हम

हमारी दी हुई चिट्ठियों को जला आए तुम

तुम्हारी दी हुई तस्वीरों को फेंक आए हम 

उस दिन के बाद तू चल गई अपने रास्ता और

मैं चला आया अपने रास्ते।


उस दिन के बाद मैंने काटे ना जाने कितने रातें तुम्हारे बगैर

दिल नहीं कर रहा था छोड़ के जाने को तुम्हारे सहर

जिस सहर को में पढ़ाई केलिए आया था

और आज अपने टूटे दिल को लेकर साथ जा रहा था।


जिस दो पल की मुलाक़ात को में प्यार समझ बैठा था

आज उस गलती केलिए में अपने आप से

माफ़ी मांगते हुए अपने घर जा रहा था

आजकल मंहगी से महंगी शराब चढ़ती नहीं है आसानी से।


उसकी बेवफ़ाई का जहर उतरती नहीं है आसानी से

जिस के लिए हमने अपने सपनों को लगा दिया था दाव पर

वो आज चली गई हमसे सारे रिश्ते नाते तोड़कर

उस से दिल लगा के हमसे गलती हो गया।


हमारे बचपन से बड़े अफ़सर बनने का ख़्वाब

उसके बेवफ़ाई के चलते मिट्टी में मिल गया

आजकल के आशिकों से मेरा एक ही गुज़ारिश है

पहले अपने सपनों को पूरा करना फिर दिल लगा ना किसी से

नहीं तो तुम सारा जीवन रोते ही रह जाओगे तुम्हारे इस गलती से।


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