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Himanshu Sharma

Tragedy

3  

Himanshu Sharma

Tragedy

हम नहीं सुधरेंगे

हम नहीं सुधरेंगे

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जलते हुए मक़ान के पास जाकर घूमेंगे,

ताज़ा पेंट लगे हुए बेंच पर जाकर बैठेंगे!

गर्म तवा गर्म है क्या? उसे छूकर देखेंगे,

बात ये है साहेबान कि हम नहीं सुधरेंगे!


बिना हेलमेट के तेज़ी से गाडी उड़ाएंगे,

किराया लेंगे रुपयों में यूँ टैक्स बचाएंगे!

मूत्र-प्रतिबंधित स्थल पे ही पेशाब करेंगे,

बात ये है साहेबान कि हम नहीं सुधरेंगे!


बत्ती पार करेंगे, इंडिकेटर नहीं जलाएंगे,

रिश्वत-खोरी को सम्पूर्ण देश में चलाएंगे!

चालान नहीं तो पुलिस की ये जेब भरेंगे,

बात ये है साहेबान कि हम नहीं सुधरेंगे!


अभी बीमारी फैली है पर बाहर जाएंगे,

खुद संक्रमित हो, रोग दूजों में फैलाएंगे!

धैर्य धारण करें, ये दिन बस यूँ निकलेंगे,

बात ये है साहेबान कि हम अब सुधरेंगे!


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