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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Thriller

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Thriller

हकीकत

हकीकत

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कितनी अजीब है ये इश्क की दुनिया,

पहले वादा करके हमें बुलाते है,

बहुत इंतजार हमको करवा के,

हमारे दिल को मायूस बनाते है।


कितना अजीब है हुस्न का जादू,

पहले हमें हुस्न में डुबाता है,

बेवफाई का खेल रचाकर हमको, 

नफ़रत की आग में जलाता है।


कितनी अजीब है ये दीवानगी यारों,

पहले हमारा दिल चुराती है,

लेकिन धर किसी और का बसाकर,

दिल हमारा तोड़ देती है।


कितना अजीब है ये मोह इश्क का,

पहले हमें एहसास करवाता है,

हमको ख्वाब दिखाकर "मुरली",

हकीकत कोई और बना लेता है।।



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