STORYMIRROR

Kanchan Prabha

Abstract Tragedy Inspirational

4  

Kanchan Prabha

Abstract Tragedy Inspirational

हे मानव कभी इन्सान भी बन जाओ

हे मानव कभी इन्सान भी बन जाओ

1 min
313


हे जग के आधुनिक मानव 

कभी तो तुम भगवान बनो 

गरीबों पर जरा रहम करो 

बस थोड़ा सा इंसान बनो 

मजहब सबका एक यहां पर 

ऐसे ना परेशान बनो 

भीड़ भरी इस दुनिया में 

तुम बस थोड़ा सा इंसान बनो 

यह धरती है बड़ी खूबसूरत 

तुम ऐसे ना शैतान बनो 

दो पेड़ लगा दो फूलों के 

बस थोड़ा सा इंसान बनो 

नारी का चीर हरण करके 

तुम ऐसे ना हैवान बनो 

स्त्री का सम्मान करो तुम 

बस थोड़ा सा इंसान बनो



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract