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Rachna Rani Sharma

Abstract Tragedy

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Rachna Rani Sharma

Abstract Tragedy

हौसला

हौसला

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स्वयं को निडर कर,

हर बाधा को अवरुद्ध कर।

युद्ध कर, युद्ध कर, 

स्वयं से युद्ध कर।।


निज लक्ष्य निरन्तर भेदकर,

अलभ्य को लभ्य कर।

युद्ध कर, युद्ध कर, 

स्वयं से युद्ध कर।।


धिक् निष्क्रियता छोड़कर,

सक्रिय जीवन प्राप्त कर।

युद्ध कर, युद्ध कर,

स्वयं से युद्ध कर।। 


निज गौरव साध कर,

प्रगति पथ का विधान कर।

युद्ध कर, युद्ध कर, 

स्वयं से युद्ध कर।।


समय की तलाश कर,

स्वयं को सिद्ध कर।

युद्ध कर, युद्ध कर,

स्वयं से युद्ध कर।।


निज स्वार्थ त्यागकर,

परमार्थ का कार्य कर।

युद्ध कर, युद्ध कर, 

स्वयं से युद्ध कर।।


असत्य को छोड़कर,

सत्य शिव ज्ञात कर।

युद्ध कर, युद्ध कर, 

स्वयं से युद्ध कर।। 


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