Kusum Lakhera
Action Inspirational Others
मन बेचैन
भीगे मेरे नयन
बही कविता
भीतर क्रोध
बाहर विडम्बना
लिखी कविता
प्रश्नों का दौर
समस्याओं का शोर
पढ़ी कविता
व्यथित मन
निढाल सा ये तन
गाई कविता
शहर मौन
न पूछे तुम कौन
चीखी कविता
विचार
आशा की किरण
कृत्रिम बुद्ध...
संघर्ष ....
मनोवांछित
अवसाद पर प्रह...
ढलता सूरज नार...
सुर्ख़ गुलाबी ...
जब तक हरियाली...
सरसों की पीलि...
बंद कीजिए अपने घर के दरवाजे नहीं तो आपके लड़के दूसरे के घर की इज्जत को बरगला दे बंद कीजिए अपने घर के दरवाजे नहीं तो आपके लड़के दूसरे के घर की इज्जत ...
तेरे लिए देखा हमने जो सपना तुम से ही बन गई जिंदगी मेरी। तेरे लिए देखा हमने जो सपना तुम से ही बन गई जिंदगी मेरी।
कराहती वियोग से विलाप करती यह धरा आओ साहसी अब लौट भी पुकारती वसुंधरा कराहती वियोग से विलाप करती यह धरा आओ साहसी अब लौट भी पुकारती वसुंधरा
नेता की द्वारा शोषित, प्रताड़ित होने वाला बुद्धिजीवी और ज्ञानी पंडित नेता की द्वारा शोषित, प्रताड़ित होने वाला बुद्धिजीवी और ज्ञान...
आज काल की पुकार में उनको सबक सिखाते है। आज काल की पुकार में उनको सबक सिखाते है।
फिर भी जीवन भर अपना शीश झुकाऊं क्यूकि मैं फूल हूंँ ? फिर भी जीवन भर अपना शीश झुकाऊं क्यूकि मैं फूल हूंँ ?
जीवन खुशगँवार हो। जीवन प्रकाशित हुआ प्यार की रोशनी के साथ। जीवन खुशगँवार हो। जीवन प्रकाशित हुआ प्यार की रोशनी के साथ।
मेरी बेरंग सी जिंदगी मे रंग भरने वाला वो रंगरेज जाते जाते मुझे सफेद रंग दे गया। मेरी बेरंग सी जिंदगी मे रंग भरने वाला वो रंगरेज जाते जाते मुझे सफेद रंग दे गय...
समर्पित रहते हो आठों याम, हे वसुधा प्रभु ! तुमको प्रणाम। समर्पित रहते हो आठों याम, हे वसुधा प्रभु ! तुमको प्रणाम।
कितने वीरों का असीम बलिदान है, कितने सपनों का अतुल योगदान है, कितने वीरों का असीम बलिदान है, कितने सपनों का अतुल योगदान है,
सुविधाओं के पिंजरे में कैद होकर शरीर का न बढ़ाएं रोग सुविधाओं के पिंजरे में कैद होकर शरीर का न बढ़ाएं रोग
मिट्टी चिकित्सा संबंधी कारकों का स्त्रोत भी है। मिट्टी चिकित्सा संबंधी कारकों का स्त्रोत भी है।
भरोसा तोड़ कर तूने किसी का दिल दुखाया है। भरोसा तोड़ कर तूने किसी का दिल दुखाया है।
भारत माता बिलख रही थी कोई ना सुन पाता था। कितनी चूड़ी बिंदी छूटी सहम के आंचल रोया था भारत माता बिलख रही थी कोई ना सुन पाता था। कितनी चूड़ी बिंदी छूटी सहम के आंचल ...
नेता के गैरकानूनी हैं रक्षक ये, नेता से पाते हैं संरक्षण ये सारे। नेता के गैरकानूनी हैं रक्षक ये, नेता से पाते हैं संरक्षण ये सारे।
राष्ट्र निर्माण है दुर्लभ जीवन हमेशा समर्पित रहें, राष्ट्र निर्माण है दुर्लभ जीवन हमेशा समर्पित रहें,
इक उम्मीद से जाता है फरियादी उसकी चौखट पर क्या है उसका फ़र्ज़ बार-बार उसको याद दिलाना क्यों इक उम्मीद से जाता है फरियादी उसकी चौखट पर क्या है उसका फ़र्ज़ बार-बार उसको याद दि...
गुरु नाम के सिक्के चलाये, नौ सेना के जनक कहलाते थे युद्ध कलाओं में महारत हासिल, पेशे गुरु नाम के सिक्के चलाये, नौ सेना के जनक कहलाते थे युद्ध कलाओं में महारत हा...
अद्भुत द्रव्य कहलाता, शीतलता तन दिलाता, अद्भुत द्रव्य कहलाता, शीतलता तन दिलाता,
खुशी आया भाई देशवासियों के इतने सालों के बाद, झूम रहे सब उमंग खुशी से खुशी आया भाई देशवासियों के इतने सालों के बाद, झूम रहे सब उमंग खुशी से