Kusum Lakhera
Action Inspirational Others
मन बेचैन
भीगे मेरे नयन
बही कविता
भीतर क्रोध
बाहर विडम्बना
लिखी कविता
प्रश्नों का दौर
समस्याओं का शोर
पढ़ी कविता
व्यथित मन
निढाल सा ये तन
गाई कविता
शहर मौन
न पूछे तुम कौन
चीखी कविता
विचार
आशा की किरण
कृत्रिम बुद्ध...
संघर्ष ....
मनोवांछित
अवसाद पर प्रह...
ढलता सूरज नार...
सुर्ख़ गुलाबी ...
जब तक हरियाली...
सरसों की पीलि...
फर्क नहीं पड़ता सफेद नमक, या हल्दी कम भी हो अगर खाने में। फर्क नहीं पड़ता सफेद नमक, या हल्दी कम भी हो अगर खाने में।
प्यार में तो आशिक लुटा देते हैं अपनी जान, वो हमारे लिए कर नहीं सकते कुछ पल कुर्बान। प्यार में तो आशिक लुटा देते हैं अपनी जान, वो हमारे लिए कर नहीं सकते कुछ पल कु...
कितना सुन्दर देश है अपना, श्राद्ध पक्ष भी आता है। नमन करें हम अपने पूर्वज, कितना सुन्दर देश है अपना, श्राद्ध पक्ष भी आता है। नमन करें हम अपने पूर्वज...
उनके जज्बे को नमन है, सौ के बदले एक है वो। उनके जज्बे को नमन है, सौ के बदले एक है वो।
सच्ची लगन, दृढनिश्चय और कठोर परिश्रम से, हैवान भी इन्सान बन जाता है। सच्ची लगन, दृढनिश्चय और कठोर परिश्रम से, हैवान भी इन्सान बन जाता है।
निर्भरता का छोड़ सहारा आत्मनिर्भरता का देंगे नारा।। निर्भरता का छोड़ सहारा आत्मनिर्भरता का देंगे नारा।।
अजी सुनिए ना प्यार हुआ तुमसे तो क्या गुनाह कर दिया मैंने। अजी सुनिए ना प्यार हुआ तुमसे तो क्या गुनाह कर दिया मैंने।
अब तो बच न पाएगा, पाकिस्तान या चीन। डर बन कर मन में हुआ, अब रफाल आसीन। अब तो बच न पाएगा, पाकिस्तान या चीन। डर बन कर मन में हुआ, अब रफाल आसीन।
साहस ही जीवन है, गर साहस करोगे तो इतिहास के पन्नों पर नाम लिख जाओगे। साहस ही जीवन है, गर साहस करोगे तो इतिहास के पन्नों पर नाम लिख जाओगे।
आओ मिलकर करें सभी प्यार करने वालों को सलाम। आओ मिलकर करें सभी प्यार करने वालों को सलाम।
स्वयं नाप-तोल में जी स्वयं नाप-तोल में। स्वयं नाप-तोल में जी स्वयं नाप-तोल में।
अमन शान्ति के बन पुजारी खिला दी देश की बगिया प्यारी। अमन शान्ति के बन पुजारी खिला दी देश की बगिया प्यारी।
झरनों की झनझनाहट आंखों को तृप्त करती इस सृष्टि को जानो तुम पहचानो तुम। झरनों की झनझनाहट आंखों को तृप्त करती इस सृष्टि को जानो तुम पहचानो तु...
अब जलील मत करो पूछकर यह भूचाल आता क्यों है। अब जलील मत करो पूछकर यह भूचाल आता क्यों है।
छुप के नहीं दुबक के नहीं आक्रांताओं के प्रतिकारों को अपनी क्षमता से मुंहतोड़ जवाब देता छुप के नहीं दुबक के नहीं आक्रांताओं के प्रतिकारों को अपनी क्षमता से मुंहतोड़ ...
एक दुनिया ऐसा बने जहा परिंदों को पिंजरे का डर न हो। एक दुनिया ऐसा बने जहा परिंदों को पिंजरे का डर न हो।
कब मुकम्मल है बिन मौत के जिंदगी मौत चाहे लाख डराये उसे। कब मुकम्मल है बिन मौत के जिंदगी मौत चाहे लाख डराये उसे।
कोई वंचित नहीं, कोई शोषित नहीं उन्हें ये बताया जाएगा। कोई वंचित नहीं, कोई शोषित नहीं उन्हें ये बताया जाएगा।
हिम्मत हो गर सामने आए हर दुश्मन पर भारी हूँ। हिम्मत हो गर सामने आए हर दुश्मन पर भारी हूँ।
और दिल बेचारा फिर उनको पाने की कोशिश तमाम है करता। और दिल बेचारा फिर उनको पाने की कोशिश तमाम है करता।