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SHREYA BADGE

Romance Tragedy Fantasy

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SHREYA BADGE

Romance Tragedy Fantasy

गुनाह न कर..

गुनाह न कर..

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गुजरा हुआ वक्त हूं मैं चंद लम्हे बाकी हैं,

लौटने की गुजारिशों से शर्मशार न कर...

   

रूह में मेरे अभी खलिश बहुत बाकी हैं,

नामुक्कमली पे जिंदगी परेशान न कर...


ख़ुद को खोजने का मेरा सफर बाकी है,

मुझे रोकने का अब कोई गुनाह न कर...


या तो कूबूल कर, मेरी कमजोरियों के साथ 

या छोड़ दे, मुझे मेरी तन्हाइयों के साथ...


लाजिम नहीं, कि हर कोई कामयाब हो

जीना भी सीख लीजिए नाकामियों के साथ ...


जद्दोजहद में जोश था जीने का जोश था

मुश्किल में पड़ गया हूँ अब आसानियों के साथ...


शामिल हूँ तेरे गम में बहुत शर्मसार ही

लाचार हूँ खड़ा हूँ तमाशाइयों के साथ...


अच्छा किया जो तूने गुनहगार कह दिया 

मशहूर हो गया हूँ मैं बदनामियों के साथ...


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