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Anjali Rajak

Tragedy Others

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Anjali Rajak

Tragedy Others

गरीबों की कोई औक़ात नहीं होती

गरीबों की कोई औक़ात नहीं होती

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गरीबों की कोई औक़ात नहीं होती,

उनके यहां खुशियों की बरसात नहीं होती,

तक़दीर चमकीली और मुट्ठी गर्म नहीं होती,

बस होती है एक मजबूरी यहां

आंखें नम और ग़म में डूबा इनका सारा जहां

कंधों पे बोझ लिए, होठों पे हंसी लेकर

लड़ते है ये दिन भर यहां

ज़िन्दगी से जूझना, मुश्किलों से भिड़ना

चलते रहते ये, पैरों में इनके चप्पल कहां

कांटे का ताज लिए औरों पे मोहताज है


उधारी से कटती ज़िन्दगी, हल्का कहां इनका मिजाज है

जब खोले ज़बान तो काट दी जाती है

उठाये सिर तो झुका दी जाती है

खरीद रखी है सारी खुशियां उन बेईमानों ने

ज़िन्दगी के खातिर अपनी खुशियां ही बेच दी इन बेचारों ने

नाकाम होती है सारी कोशिशें इनके ऊपर उठ जाने की

ऊपर वाला कबूल भी नहीं करता इन्हें अपने पास बुलाने की

बंजर सी ज़िन्दगी है, बस खेती है तो इन कांटों की


औरों पे मरते है एक ख़्वाहिश लिए सब पर खुशियां लुटाने की...

औरों पे मरते है एक ख़्वाहिश लिए सब पर खुशियां लुटाने की...

कोई करता भी नहीं कोशिश इनसे थोड़ी दूरियां मिटाने की

सब किये का खेल है, गलती नहीं इनके नसीबों की

क्योंकि कोई औक़ात नहीं न होती इन गरीबों की।



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